
PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पेरिस के एलीसी पैलेस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और उनके साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। उसके बाद पीएम मोदी ने भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में हिस्सा लिया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपसी विश्वास और करीबी साझेदारी की इस शानदार यात्रा में आप जैसे व्यापारी नेताओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
#WATCH | I congratulate you on Bastille Day. This year we are celebrating 25 years of our strategic partnership. Business leaders like you have contributed immensely to this partnership: PM Narendra Modi at the India-France CEO Forum, in Paris pic.twitter.com/vT1MfVpwUM
— ANI (@ANI) July 14, 2023
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को सैंडलवुड सितार भेंट की। संगीत वाद्ययंत्र सितार की अनूठी प्रतिकृति शुद्ध चंदन से बनी है। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रॉन को सैंडलवुड बॉक्स में पोचमपल्ली इकत उपहार में दिया। भारत के तेलंगाना के पोचमपल्ली शहर का पोचमपल्ली रेशम इकत कपड़ा, भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत का प्रमाण है।
द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और फ्रांस का पुराना और गहरा सहयोग है। हमारे स्पेस एजेंसियों के बीच नए समझौते हुए हैं। पीएम मोदी ने फ्रांस के लोगों को राष्ट्रीय दिवस के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस विश्व में स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे मूल्यों का प्रतीक माना जाता है, यह मूल्य दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। मुझे खुशी है कि इस अवसर की गरिमा बढ़ाने के लिए भारत की तीनों सेनाओं की टुकड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। हम पिछले 25 वर्षों की मजबूत नींव के आधार पर अगले 25 वर्षों का रोडमैप बना रहे हैं। इसके लिए साहसिक एवं महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। हम फ्रांस को एक स्वाभाविक भागीदार के रूप में देखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत स्थायी शांति की बहाली में योगदान देने के लिए तैयार है। आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत और फ्रांस हमेशा साथ रहे हैं। हम मानते हैं कि क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है, इस दिशा में दोनों देश सहमत हैं। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत में फ्रांस एक अहम साथी है। सबमरिन हो या नौसेना के जहाज, हम चाहते हैं कि मिलकर सिर्फ अपने ही नहीं तीसरे मित्र देशों के सहयोग के लिए भी काम करें।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मुझे यहां बैस्टिल डे परेड में पंजाब रेजिमेंट को देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ। हम एक ऐतिहासिक विश्वास के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं और हम मिलकर वैश्विक संकटों का समाधान ढूंढ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना हो जो शांति और विकास की ओर ले जाए। उन्होंने भारतीय छात्रों के लिए अहम घोषणा करते हुए कहा कि 2030 तक हम 30,000 फ्रांसीसी छात्रों को भारत भेजेंगे और जो भारतीय युवा, फ्रांस में पढ़ने के लिए निर्णय लेते हैं, हम उनको मौका देंगे और इसलिए हम वीजा नीति को उसके अनुकूल बनाएंगे।