
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन और बिजनेसमैम डोनाल्ड ट्रंप के बीच राष्ट्रपति पद को लेकर कांटे की टक्कर चल रही है। हमने कुछ प्रमुख ज्योतिषियों से बात की और उनके ग्रहों की स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की है कि ग्रहों की स्थिति के आधार पर अगला राष्ट्रपति कौन होगा...
उज्जैन की ज्योतिषविद् रश्मि शर्मा ने बताया कि अमेरिका में दिनांक 8 नवंबर 2016 को नए राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग की जाएंगी। उस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी मंगल है। उस दिन मंगलवार है और मंगल अभी अपनी उच्च राशि मकर में गोचर कर रहा है।
रश्मि शर्मा ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिलेरी का मंगल नीच का है एवं ट्रंप का मंगल सिंह राशि में स्थित है। इसके लिए यह दिन उनके लिए ट्रंप के लिए फायदेकारक होगा। हिलेरी का जन्म 26 अक्टूबर 1947 को अमेरिका के इलिनोस प्रांत में हुआ था।
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ऐसे में उनकी राशि कुंभ है, जिसके स्वामी शनि हैं। सूर्य की महादशा चल रही है और उनका सूर्य नीच का है। साथ में बुध एवं शुक्र भी हैं। उनका मंगल भी नीच का है, जिससे उन्हें परेशानी आ सकती है। हालांकि, नीच के मंगल की नीच के सूर्य पर दृष्टि होने से वह कई जगहों पर वह फायदे में रह सकती हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 को न्यूयार्क में हुआ था। उनकी राशि वृश्चिक है, जिसमें शनि की साढ़ेसाती चल रही है। उनकी राशि का स्वामी मंगल है। मंगल की दृष्टि भी उनकी राशि पर है। उनके जन्म के समय गुरू कन्या राशि में था, जो वर्तमान में भी कन्या में है। यह उनके लिए बहुत सहयोग करने वाला होगा।
अमेरिका को 4 जुलाई 1776 में आजादी मिली थी। इसकी राशि भी मकर आती है, जिसके स्वामी शनि हैं। वर्तमान में इस देश पर मंगल की महादशा चल रही है। मतदान के समय मंगल मकर राशि में ही रहेगा। अगस्त 2016 में गुरू ने राशि बदलकर कन्या में प्रवेश किया है। उसकी पंचम पूर्ण दृष्टि भी मकर राशि पर रहेगी। राशि स्वामी शनि की पूर्व से ही मकर को देख रहा है।
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चुनाव के समय मंगल मकर में उच्च का होगा। ट्रंप का मंगल भी उनकी कुंडली में सिंह राशि में स्थित है। ऐसे में इस चुनाव में सितारे उनके पक्ष में रहेंगे और उनके अमेरिकी राष्ट्रपति बनने की उम्मीद अधिक है। इसके अलावा पार्टी के अन्य प्रतिनिधियों के ग्रहों की स्थिति का भी असर चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा।
दिल्ली के पंडित जयगोविंद शास्त्री ने बताया कि ट्रंप और हिलेरी के जन्म का सही समय नहीं होने के कारण यदि उनके नाम और राशि के आधार पर विवेचना की जाए, तो ट्रंप का पलड़ा ज्यादा भारी दिख रहा है।
वहीं, इलाहाबाद के पंडित रामनरेश त्रिपाठी ने बताया कि ग्रहों की दशा के हिसाब से हिलेरी क्लिंटन के अगले राष्ट्रपति बनने की उम्मीद नजर आ रही है। डोनाल्ड ट्रंप को किस्मत का साथ नहीं मिल पाएगा।
- शशांक शेखर बाजपेई से फोन पर बातचीत के आधार पर।