
कोलंबो। श्रीलंका में अपनी जान देकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले रिअल लाइफ के हीरो रमेश राजू को लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। लोगों की जिंदगी बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले रमेश के सम्मान में लोगों ने उनके घर तक के रास्ते को उनकी तस्वीरों से पाट दिया।
हमले वाले दिन रमेश बट्टीकलोआ के उस चर्च के पास ही थे, जिसे एक आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाने के लिए चुना था। रमेश को जैसे ही आत्मघाती पर संदेह हुआ, वह चर्च के दरवाजे पर ही उससे से भिड़ गए। रमेश की इसी बहादुरी की वजह से वह आतंकी चर्च के अंदर नहीं घुस सका और दरवाजे पर ही खुद को उड़ा लिया।
इस विस्फोट में रमेश समेत 29 लोगों की मौत हो गई।मृतकों में 14 बच्चे भी शामिल थे। चर्च के अंदर उस समय प्रार्थना के लिए 600 से ज्यादा लोग जुटे थे। अगर आतंकी ने अंदर पहुंचकर विस्फोट किया होता, तो हताहतों की संख्या कहीं ज्यादा होती। रमेश के पिता वेलुसामी राजू ने कहा कि हमलावर पर संदेह होने के बाद रमेश वहां से भागकर अपनी जान बचा सकता था लेकिन उसने आतंकी से भिड़ने और उसे रोकने का फैसला किया। मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने छोटे बच्चों समेत कई जिंदगियां बचाईं।