
मेलबर्न। घरेलू इलाज में अहम स्थान रखने वाली हल्दी स्मृति लोप से मुकाबले और एकाग्रता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। मेलबर्न स्थित स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के हल्दी के परीक्षण नतीजों से पता चला है कि यह मसाला थकान कम करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि यह कहना अभी जल्दीबाजी होगी कि हल्दी स्मृति संबंधी समस्याओं के बचाव में एक प्राकृतिक तरीका हो सकता है।
एपिडीमीअलाजिकल (महामारी विज्ञान) अध्ययनों से संकेत मिला कि जिन लोगों ने अधिक मात्रा में इसका उपभोग किया, उनमें डिमेंशिया और अल्जाइमर बीमारी की दर कम प्रतीत हुई। यह परीक्षण 60 से 85 साल के उम्र वाले 60 प्रतिभागियों पर किया गया था। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंड्रयू स्कोले ने बताया कि इस मसाले का तत्व दिए जाने के सिर्फ एक घंटे में उन्होंने एकाग्रता में वृद्धि को महसूस किया।
उन्होंने कहा कि लेकिन सबसे चकित करने वाला निष्कर्ष थकान में कमी लाने वाला है। वास्तव में यह लोगों के लिए एक बड़ा मसला है क्योंकि उम्र ढलने के साथ अवसाद और स्मृति लोप जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।