न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि पिछले महीने दोनों देशों की निर्धारित विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले हुर्रियत नेताओं से बातचीत कर पाकिस्तान ने मामला बिगाड़ा। यह वार्ता इस्लामाबाद में 25 अगस्त को होनी थी।

संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से स्वराज ने कहा, "नई (नरेंद्र मोदी) सरकार ने नया संकेत दिया तो उन्होंने (पाकिस्तान) खेल ही खराब कर दिया।" यह बात स्वराज ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के बयान पर पूछे गए सवाल पर कही।

सरताज ने कहा था कि दोनों देशों के बीच वार्ता तभी हो सकती है जब नई दिल्ली पहल करे। क्योंकि भारत ने ही 25 अगस्त की वार्ता रद की थी। विदेश मंत्री ने कहा, "पहले या दूसरे का सवाल ही नहीं है। जहां तक हमारी प्रतिक्रिया का संबंध है तो हमने बार-बार कहा है कि अगर कोई प्रतिक्रिया आनी है तो उसी वक्त आए। हमारी तरफ से पहल हुई थी।"

उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे जिन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आमंत्रित किया था।

सुरक्षा परिषद के सुधार का मुद्दा उठाया

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने समकक्षों के साथ बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तत्काल सुधार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2015 तक सुधार प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ठोस प्रयास किया जाना चाहिए।

अपने दौरे के दूसरे दिन संयुक्त राष्ट्र आमसभा के इतर स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी, ब्राजील के विदेश मंत्री लुइस अल्बर्टो और बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली के साथ बातचीत की।

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