
लंदन। जब लिएम डर्बीशायर का जन्म हुआ था, तो डॉक्टरों ने कहा कि वह छह सप्ताह से अधिक समय तक नहीं जी सकेगा। मगर, अब वह 18 वर्ष का हो चुका है। दरअसल, लिएम एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है, जिसमें यदि वह सो गया, तो उसकी मौत हो जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक, लिएम को जो बीमारी है वह दुनिया में केवल 1,500 लोगों को ही है।
लिएम को कॉन्जिनिटल सेंट्रल हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम है। इस बीमारी में व्यक्ति जैसे ही सोता है, उसके फेफड़े सांस लेने का काम बंद कर देते हैं। इसकी वजह से उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम में ही रखना होता है। लिएम के माता-पिता, पीटर और किम ही उसकी देखभाल करते हैं और एक विशेष जीपीएस उपकरण के साथ 24 घंटे अपने बेटे की निगरानी करते हैं।
56 वर्षीय किम ने कहा कि इस दुर्लभ बीमारी की वजह से नींद आने के दौरान फ्रेनिक नर्व सिस्टम काम नहीं करता। लिहाजा दिमाग शरीर को यह संदेश नहीं भेजता है कि आपको सांस लेनी है। हम उसे सांस लगातार देने के लिए एक मशीन पर निर्भर करते हैं और उसके बिना वह जीवित नहीं रहेगा। अगर वह सांस नहीं लेता है, तो वह मर जाता है - यही वह है।
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उसके पिता पीटर आमतौर पर वेंटिलेटर मशीन में अपने बेटे को प्लग करने के बाद पूरे समय जागकर यह निगरानी करते हैं कि सारे उपकरण सही से काम कर रहे हैं और लिएम अच्छी नींद ले पा रहा है।

वह कहते हैं कि अगर आप पूछेंगे कि लिएम के जन्म के बाद मैं एक रात भी चैन की नींद ले पाया हूं, तो मेरा जवाब होगा नहीं। वह कहते हैं कि हमें हमेशा इस बात का डर लगा रहता है कि हम आखिरी बार अपने बेटे को गुड नाइट बोल रहे हैं।