मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। सुर्खियों में रहने वाले ट्रंप की ताजपोशी पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। सत्‍ता में आने के बाद उनकी मौजूदगी का दुनिया पर क्‍या असर पड़ेगा, आइये जानते हैं।

ट्रंप का संक्षिप्‍त परिचय

ट्रंप का जन्म 14 जून, 1946 को क्वींस, न्यूयार्क सिटी में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम मरियम ऐनी और फ्रेड ट्रम्‍प है। वे प्रेस्बिटेरियन ईसाई धर्म को मानते हैं। ट्रंप अर्थशास्त्र में डिग्रीधारी हैं।

ट्रम्प ने तीन शादियाँ की हैं। पहली शादी इवाना (पूर्व ओलिंपिक खिलाड़ी ) से की थी। 1977 में हुई यह शादी 1991 तक चली। इसके बाद 1993 में मार्ला (अभिनेत्री) को जीवनसाथी बनाकर 1999 में तलाक ले लिया। इसके बाद 2005 में मेलानिया (मॉडल) से शादी की है।

डेमोक्रेटिक से रिपब्लिकन तक का सफर

2001 से 2008 तक डेमोक्रेटिक पार्टी में और 2009 से रिपब्लिकन पार्टी में रह कर राजनीतिक गतिविधियों में रहे। वर्ष 2016 में रिपब्लिकन पार्टी से ही राष्ट्रपति के पद के निर्वाचन में दिनांक 9 नवम्बर 2016 को जीत हासिल की।

ट्रंप की ताजपोशी का ये होगा असर

भारत

अबकी बार मोदी सरकार की तर्ज पर अबकी बार ट्रंप सरकार का नारा ट्रंप जानते थे। उन्‍होंने चुनाव जीतते ही भारत की तारीफ व समर्थन किया था। वे पीएम नरेंद्र मोदी की सराहना भी करते हैं। अमेरिका में रह रहे भारतीयों के बारे में उनके विचार बुरे नहीं हैं। वे उन्‍हें अमेरिका के विकास में भागीदार मानते हैं।

पाकिस्‍तान

चुनावी प्रचार के दौरान वे पाक के आतंकवाद के प्रति कड़ा रवैया दिखा चुके हैं। उन्‍होंने पाक के परमाणु हथियारों को लेकर कहा था कि पाकिस्तान अस्थिर देश है। विश्‍व ट्रेंड सेंटर पर हमले के बाद पाक ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। निश्चित ही वे पाकिस्‍तान के लिए अनुकूल साबित नहीं होने वाले।

चीन

चीन को लेकर भी ट्रंप अपना सख्‍त रवैया रखते हैं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्‍होंने कहा था कि हम चीन को पर्यावरण में सुधार के लिए कहेंगे। यदि चीन नहीं माना तो उसे परिणाम के लिए तैयार रहना होगा। गौरतलब है कि एनएसजी व अन्‍य मामलों पर चीन भारत पर दबाव बनाता है।

एशिया

पूरे एशिया महाद्वीप को देखा जाए तो ट्रंप के सत्‍ता में आने के बाद एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा पर सख्‍त रवैया अमेरिका अपना सकता है। चीन व पाक की तुलना में अमेरिका की नीतियां भारत के लिए अनुकूल हो सकती हैं।

आतंकवाद

ट्रम्प ने कहा था यदि वो राष्ट्रपति बनें तो वो आतंकवाद पर लगाम लगाने का प्रयास करेंगे। भारत भी आतंकवाद से बहुत प्रभावित रहा है। आशा है कि इस मुद्दे पर भारत, ट्रम्प को, पाकिस्तान के खिलाफ करने में सफल रहेगा।ट्रम्प ने ये भी कहा था कि पाकिस्तान सबसे खतरनाक देश है। पाक के विरुद्ध भारत व अमेरिका के रिश्‍ते सुधरते हैं तो इससे आतंकवाद कमजोर हो सकता है।

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