
एजेंसी, न्यूयॉर्क। गाजा की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कदम उठाया गया है। युद्ध की मार झेल रहे गाजा का शासन अब एक नई अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिशनल बॉडी “बोर्ड ऑफ पीस” देखरेख करेगी। इस बोर्ड की अध्यक्षता अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे।
उनके साथ ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल होंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब इजराइल-गाजा युद्ध अपने दूसरे वर्ष में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बना रहा है।
गाजा की सुरक्षा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बलों की देखरेख में होगी। ये बल सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। फिलिस्तीनी पुलिस को प्रशिक्षित भी करेंगे, जिससे भविष्य में सुरक्षा स्थानीय संस्थाओं को सौंपी जा सके। मानवीय सहायता और जरूरी वस्तुएं तयशुदा स्तर पर गाजा में भेजी जाएंगी, जिनकी पारदर्शी निगरानी होगी।
इस योजना के तहत अमेरिका, इजराइल और फिलिस्तीन के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लेगा। ट्रंप ने कहा कि यह प्रक्रिया दोनों पक्षों को लंबे समय तक सह-अस्तित्व के रास्ते पर ला सकती है। संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन मिशन के प्रमुख रियाद मंसूर ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण ट्रंप, अमेरिकी प्रशासन, सऊदी अरब, यूरोपीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने को तैयार है।
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने इजराइल पर हमला कर 1,200 लोगों की हत्या कर दी और 251 को बंधक बना लिया। लगभग दो साल बाद भी 48 बंधक कैद में हैं, जिनमें से केवल 20 के जीवित होने की आशंका है। दूसरी ओर, गाजा में अब तक 66,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पूरा इलाका खंडहर में तब्दील हो गया है।