
बीजिंग। दुनिया में अपनी तरह के पहले मामले में चीन के वैज्ञानिकों ने मानव भ्रूण के डीएनए में बदलाव करने में सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने विशेष तकनीक के जरिये भ्रूण से बीमारी का कारण बनने वाला एक जीन सफलतापूर्वक हटाया। हालांकि वैज्ञानिक समुदाय में इसको लेकर व्यापक असहमति है।
गुआंगझाउ प्रांत स्थित सन यात सेन यूनिवर्सिटी के हुआंग जनजिउ और उनके साथियों ने मानव भ्रूण में से थैलेसीमिया के लिए जिम्मेदार एक जीन को हटाने में सफलता हासिल की। वैज्ञानिकों ने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ऐसे भ्रूणों का इस्तेमाल किया, जिन्हें अस्पतालों द्वारा फेंक दिया जाता है और जिनसे किसी जीवन की संभावना नहीं रहती।
जर्नल प्रोटीन एंड सेल में वैज्ञानिकों ने कहा कि वे इस शोध के सैद्धांतिक पहलू से परिचित हैं। इस प्रयोग को लेकर ब्रिटिश जीव विज्ञानी एडवर्ड लेनफियर ने कहा कि हमें इस शोध को रोककर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्या हमने इस दिशा को लेकर व्यापक चर्चा की है। हालांकि शोध के पक्ष में खड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों की दलीलें बेबुनियाद हैं और इस सफलता से भविष्य में बच्चों को कई बीमारियों से बचाना संभव हो सकेगा।