वेनिस। इटली के शहर वेनिस में करीब 50 साल बाद आई भीषण बाढ़ ने करीब 70 फीसद शहर को पानी में डुबो दिया है। और वेनिस के लोगों ने रविवार को एक और असाधारण ज्वार को देखा है। ऐतिहासिक इमारतें धीरे-धीरे बर्बाद हो रही हैं। दक्षिण-पूर्व से उच्च ज्वार और नदी के स्तर के साथ-साथ शक्तिशाली हवाओं ने बाढ़ के पानी को छह फीट से ज्यादा धकेल दिया।

समुद्र के बढ़ते जल स्तर से वेनिस के बाढ़ के पानी में डूबते जाने का खतरा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। साल 1987 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया वेनिस, इटैलियन पुनर्जागरण के नेताओं जैसे टिंटोरेटो, जियोर्जिओन और टिटियन की कला के अमूल्य कार्यों का घर है।

इसके साथ ही यह लैगून-आधारित ऐसा महानगर गै, जहां करीब 50,000 निवासी अनूठे तरीके से रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानव व्यवहार (और राजनीतिक भ्रष्टाचार) से तेज हुए जलवायु परिवर्तन का यह बड़ा पूर्वावलोकन है।आप देख सकते हैं कि जलवायु परिवर्तन न केवल वेनिस के अद्वितीय जीवन को जटिल करेगा, बल्कि इसे पूरी तरह से खत्म कर देगा।

इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंटे ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वेनिस में आई आपदा हमारे देश के दिल के लिए एक झटका है। इस शहर को इतना क्षतिग्रस्त देखकर दर्द होता है, इसकी कलात्मक विरासत से समझौता हुआ है और यहां की व्यावसायिक गतिविधियां घुटनों पर आ गई हैं।

प्रिंसटन विश्वविद्यालय में भू-विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रोफेसर माइकल ओपेनहाइमर ने बड़े पैमाने पर वेनिस की यात्रा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि वेनिस ने समुद्र के स्तर में वृद्धि के से पहले अपनी तटीय सुरक्षा प्रणाली को पूरा नहीं किया, तो शहर लोगों के लिए रहने लायक एक जगह के रूप में बेकार हो जाएगा। बताते चलें कि यह कार्य पहले से ही देरी से चल रहा है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai