
नई दिल्ली। शराब व्यापारी विजय माल्या 2016 में भारत से ब्रिटेन फरार हो गए थे। बैंक उनसे 9,000 करोड़ रुपये का लोन रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं और जांच एजेंसियां उनसे कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ करना चाहती हैं। भारत ने ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की मांग की और कुछ समय के लिए ब्रिटिश पुलिस ने माल्या को हिरासत में भी लिया था। मगर, उनका यह भी कहना है कि उन्हें देश में इंसाफ मिलने की उम्मीद नहीं है।
हालांकि, अब माल्या भारत आने के तैयार हो गए हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि माल्या स्वेच्छा से भारत आना चाहते हैं। वह इसके लिए सरकार से बात कर रहे हैं और बैंकों का बकाया भुगतान करने के लिए तैयार हो गए हैं। उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी से भारत लौटने के बारे में बात की है, लेकिन उन्हें कुछ भी गारंटी नहीं दी गई है।
यहां तक कि यदि वे भारत लौट आते हैं, तो इसका यह अर्थ नहीं होगा कि भारत में उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। उन्हें भारतीय अदालतों में केस लड़ना होगा। उन्हें एक से दो दिन जेल में बिताने होंगे, इसके बाद ही उन्हें जमानत मिलेगी। बताया जा रहा है कि यदि माल्या स्वेच्छा से भारत लौटते हैं, तो उन्हें एमरजेंसी ट्रैवल डॉक्युमेंट्स मुहैया कराए जा सकते हैं और उनके खिलाफ चल रहा प्रत्यर्पण का मामला अपने आप ही खत्म हो जाएगा।
तेजी से फैल रही है ये बीमारी, इतना आसान है इसे पनपने से रोकना
अधिकारी ने कहा कि भारत आते ही माल्या को गिरफ्तार किया जाएगा। उनके खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों को हटाने की कोई योजना नहीं है। उन्हें कोर्ट में अपने खिलाफ लगे आरोपों पर सफाई देनी होगी। फिर यह अदालतों पर निर्भर करता है कि वह इसे यह व्यापार में विफलता मानती हैं या यह मानती हैं कि उन्होंने फ्रॉड किया है। हालांकि, भारत सरकार यह साबित करने की कोशिश करेगी कि उन्होंने फ्रॉड किया है।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि माल्या ने ईडी से संपर्क क्यों किया है, जबकि ब्रिटेन में प्रत्यर्पण का मामला सीबीआई लड़ रही है। यदि वह वापस आता है, तो उसे भारतीय अदालतों का सामना करना होगा। हम ब्रिटिश सरकार से कहेंगे कि माल्या का पासपोर्ट वापस किया जाए। हम माल्या को भारत लाना चाहते हैं, फिर वह चाहें स्वेच्छा से आएं या लाए जाएं।
VIDEO : चिल्लर से कार खरीदने पहुंचा यह शख्स, 12 घंटों तक कर्मचारियों ने गिने सिक्के