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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ebrahim Raisi Profile: इब्राहिम रईसी को कहा जाता है ‘तेहरान का कसाई’, 3000 से ज्यादा लोगों को दी थी फांसी, जानें पूरा किस्सा

ईरान में साल 1988 में राजनीतिक विरोधियों के सफाए के लिए एक 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इन 4 सदस्यों में इब्राहिम रईसी भी शामिल थे।

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Mon, 20 May 2024 09:43:55 AM (IST)Updated Date: Mon, 20 May 2024 11:41:42 AM (IST)
Ebrahim Raisi Profile: इब्राहिम रईसी को कहा जाता है ‘तेहरान का कसाई’, 3000 से ज्यादा लोगों को दी थी फांसी, जानें पूरा किस्सा
साल 2019 में अमेरिका ने Ebrahim Raisi पर प्रतिबंध भी लगा दिया था।

HighLights

  1. इब्राहिम रईसी को ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खुमैनी का काफी करीबी थे।
  2. ईरान में खुमैनी के बाद इब्राहिम रईसी ही देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता पद के रूप में देखा जाता था।
  3. Ebrahim Raisi ने मध्य पूर्व के ईरान के प्रभाव को विस्तार देने के लिए काफी काम किया था।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। ईरान के कट्टरपंथी नेता और राष्ट्रपति Ebrahim Raisi के दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर की पहचान कर ली गई है और ईरानी की जांच एजेंसियों ने कहा है कि इस हादसे में अभी तक किसी के जीवित होने का कोई सुराग नहीं मिला है। इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हेलिकॉप्टर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है। ईरान में इब्राहिम रईसी को अति-रूढ़िवादी नेता के रूप में जाना जाता है और उन्हें ‘तेहरान का कसाई’ भी कहा जाता था।

सर्वोच्च नेता अली खुमैनी के करीबी थे इब्राहिम

इब्राहिम रईसी को ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खुमैनी का काफी करीबी थे। ईरान में खुमैनी के बाद इब्राहिम रईसी ही देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता पद के रूप में देखा जाता था। फिलिस्तीन और इजरायल युद्ध के दौरान भी Ebrahim Raisi ने मध्य पूर्व के ईरान के प्रभाव को विस्तार देने के लिए काफी काम किया था। Ebrahim Raisi की नीतियों के कारण ही हाल ही ईरान युद्ध के कगार पर खड़ा हो गया था।


3000 से ज्यादा राजनीतिक कैदियों को दी फांसी

ईरान में साल 1988 में राजनीतिक विरोधियों के सफाए के लिए एक 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इन 4 सदस्यों में इब्राहिम रईसी भी शामिल थे। इस कमेटी को ईरान में अनौपचारिक रूप से ‘Death Committee’ भी कहा जाता है। 19 जुलाई 1988 के बाद 5 माह तक राजनीतिक कैदियों को फांसी देने का सिलसिला चला। एक अनुमान के मुताबिक, इस दौरान करीब 3000 से ज्यादा राजनीतिक विरोधियों को फांसी पर लटका दिया गया था। मारे गए लोगों में अधिकांश लोग ईरान के पीपुल्स मुजाहिदीन संगठन के समर्थक थे। इस घटनाक्रम के कारण ही Ebrahim Raisi को ‘तेहरान का कसाई’ कहा जाता था।

रईसी की कट्टरता के किस्से

Ebrahim Raisi के कार्यकाल में दौरान हिजाब और पवित्रता कानून को सख्ती से लागू किया गया थे। हिजाब कानून के उल्लंघन करने के बाद कई महिलाओं को मौत की भी सजा दी गई। इब्राहिम रईसी के कार्यकाल में ही ईरान में बच्चों को फांस, प्रमुख मानवाधिकारों वकीलों को कैद की सजा दी गई। साल 2019 में अमेरिका ने Ebrahim Raisi पर प्रतिबंध भी लगा दिया था।

इस्लामिक कानून के जानकार थे Ebrahim Raisi

Ebrahim Raisi इस्लामिक कानून के जानकार थे, जिन्होंने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सरकार में ऊपर उठना शुरू किया। ईरान में राजशाही के खत्म होने के बाद कट्टर इस्लामी या शरिया कानून पर आधारित एक नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित होने लगी थी और इस दौर में Ebrahim Raisi एक बड़े नेता के रूप में उभर कर सामने आए। इब्राहिम रईसी के कार्यकाल में महिलाओं की शादी की उम्र 13 साल से घटाकर 9 साल कर दी गई थी।