स्कूलों के बैंक खातों को डिजिटल हस्ताक्षर लिंक कराने में खर्च कर डाले विद्यार्थियों के बजट का 15 करोड़
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में स्कूलों के बैंक खातों को डिजिटल हस्ताक्षर से लिंक कराने के लिए बड़ा खेल किया जा रहा है। ...और पढ़ें
By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Sun, 01 Jan 2023 05:02:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Jan 2023 05:02:50 PM (IST)

रायपुर। राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में स्कूलों के बैंक खातों को डिजिटल हस्ताक्षर से लिंक कराने के लिए बड़ा खेल किया जा रहा है। समग्र शिक्षा के मौखिक आदेश पर विद्यार्थियों की सामान्य अनुदान राशि में से प्रति स्कूल तीन-तीन हजार रुपये लेकर कुछ सीए के साथ मिलकर यह गड़बड़ी की जा रही है। इस पर अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, डिजिटल लिंक कराने पर खर्च की जाने वाली राशि के लिए राज्य सरकार से कोई अनुमति भी नहीं ली गई है।
विद्यार्थियों की सामान्य अनुदान राशि से चाक, डस्टर, स्वच्छता जैसे सामान्य काम किए जाते हैं, लेकिन इसका उपयोग दूसरे काम में किया जा रहा है। दरअसल, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अब किसी भी राशि का भुगतान केंद्र के पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से सीधे स्कूलों के बैंक खाते में करने का निर्णय लिया है। इन बैंक खातों में तभी राशि भेजी जा सकती है जब स्कूल के दो शिक्षकों के डिजिटल हस्ताक्षर हों। अब तक प्रदेश के 45 हजार स्कूलों के बैंक खातों को डिजिटल लिंक से जोड़ा जा चुका है।
समग्र शिक्षा ने रोक दी राशि इसलिए हड़बड़ाए स्कूल प्रबंधक
समग्र शिक्षा रायपुर की ओर से पिछले दिनों जारी किए गए आदेश अनुसार स्कूलों को जारी की गई शिक्षा सत्र 2022-23 की शाला अनुदान सहित सभी अन्य मदों की राशि का व्यय भुगतान पीएफएमएस माध्यम से किया जाना है। समग्र शिक्षा ने 30 नवंबर 2022 के बाद बिना डिजिटल हस्ताक्षर वाले खातों से कोई भी राशि व्यय करने पर रोक लगा दी है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानपाठक अधिकारियों के दबाव में डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड के नाम पर निजी फर्म को तीन-तीन हजार रुपये का भुगतान नगद कर रहे हैं। इस पूरे खेल में समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, ब्लाक व संकुल समन्वय और प्रधानपाठक शामिल हैं।
समग्र शिक्षा प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा ने कहा, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर स्कूलों के बैंक खातों को डिजिटल हस्ताक्षर कराने का निर्देश है। इसके लिए कोई अलग से फंड नहीं है। इसलिए स्कूल के ही फंड से खर्च किया जा रहा है। एक डिजिटल हस्ताक्षर के लिए 1400 रुपये खर्च आता है इसलिए दो हस्ताक्षर के लिए तीन हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं।