आरक्षण पर सीएम बघेल ने किया ट्वीट, बोले- भाजपा के इशारे पर आरक्षण विधेयक को रोक रहीं राज्यपाल
आरक्षण को लेकर सरकार और राज्यपाल के बीच जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर राज्यपाल की मंशा पर सवाल खड़े हैं। ...और पढ़ें
By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Thu, 29 Dec 2022 04:35:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Dec 2022 04:35:53 PM (IST)

रायपुर। आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और राज्यपाल के बीच जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर राज्यपाल की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट कर कहा, स्पष्ट है कि माननीय राज्यपाल भाजपा के इशारे पर आरक्षण विधेयक को रोक रही हैं। भाजपा ओबीसी आरक्षण के ख़िलाफ़ है और इस फेर में आदिवासियों और अजा व ग़रीबों का आरक्षण भी रुक गया है।
उन्होंने कहा, राज्यपाल के लिए मंत्रिमंडल की सलाह मानना बाध्यकारी है पर अफसोस है कि वे इस संवैधानिक व्यवस्था को भी नहीं मान रही हैं। राज्यपाल अगर जनता की प्रतिनिधि विधानसभा की राय भी नहीं मानतीं तो यह भी असंवैधानिक है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम जनता के बीच ही जाएंगे और उनके ही बीच भाजपा और संविधान का अपमान कर रही राज्यपाल के बारे में बताएंगे। हमें संविधान और लोकतंत्र पर अटूट भरोसा है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है।
आरक्षण पर पिछले दरवाजे से खेल रही है भाजपा- सीएम बघेल
आरक्षण संशोधन विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर न करने से बिफरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि भाजपा प्रदेश के लोगों का हित नहीं चाहती। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर बघेल ने कहा कि भाजपा जनता के बीच विलेन नहीं बनना चाहती थी, लेकिन पीछे के दरवाजे से राजभवन के माध्यम से आरक्षण विधेयक को रोक रही है। भाजपा कभी प्रदेश के लोगों का हित नहीं चाहती। न आदिवासी न किसान, न बच्चों, न महिलाओं न मजदूरों किसी का नहीं। 15 साल में हमने देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सारे सार्वजनिक उपक्रम बेच रहे हैं, उन जगहों पर कर्मचारी की जरुरत पड़ती, उनको आरक्षण का लाभ मिलता, लेकिन सब प्राइवेट कर रहे हैं। भाजपा आरक्षण खत्म करने का खेल चला रही है।