विष्णु पूजन से दरिद्रता दूर होती हैः नागेंद्र ब्रह्मचारी
फोटो 8 अनगढ़ हनुमान मंदिर में भागवत कथा का आयोजन छिंदवाड़ा। स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर सनातन धर्म प्रचार समिति के द्वारा भा ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Thu, 08 Oct 2020 04:10:05 AM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2020 04:10:05 AM (IST)

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अनगढ़ हनुमान मंदिर में भागवत कथा का आयोजन
छिंदवाड़ा। स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर सनातन धर्म प्रचार समिति के द्वारा भागवत कथा एवं विष्णु पुराण का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को कथा के पहले दिन विष्णु पुराण, भागवत कथा सत्संग में पूजन की विधि एवं सत्कर्म का महत्व बताते हुए व्यासपीठ पर विराजमान नागेंद्र ब्रह्मचारी ने बताया कि विष्णु सहस्रनाम के पाठ से दरिद्रता दूर होती है। जब-जब पृथ्वी में अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेकर पृथ्वी पर आते हैं। कभी राम, कभी कृष्ण सहित अनेक अवतारों में। सतयुग, द्वापर, त्रेता, कलयुग मिलकर चतुर्भुज कहलाते हैं। ऐसे एक हजार चतुर्भुज का ब्रम्हा का एक दिन होता है। ब्रम्हा के एक दिन में चौदह मनु होते हैं। श्रष्टि में महाप्रलय के समय भगवान जल में शमन करते हैं, जल को नार कहते हैं। नार में भगवान का निवास होने से उनका नाम नारायण पड़ा। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की आराधना का सबसे उत्तम समय होता है। समाजित ने विष्णु सहस्रनाम से पूजन किया था। प्रसन्ना होकर भगवान सूर्य ने स्यमन्तक मणि दिया, जो प्रतिदिन स्वर्ण देती थी। जिससे समाजित की दरिद्रता दूर हो गई। भागवत कथा सत्संग 13 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से उचित शारीरिक दूरी का पालन करते हुए प्रतिदिन आयोजित होगी।