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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

व्यापारियों के फैसले के विरोध में संतरा उत्पादक किसान

सौंसर। नगर के कृष्णा मंगल भवन में संतरा उत्पादक किसानों की बैठक बाबुरावजी बोड़खे के अध्यक्षता में संपन्ना हुई। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सुभाष गाड...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 07 Oct 2020 04:13:07 AM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2020 04:13:07 AM (IST)
व्यापारियों के फैसले के विरोध में संतरा उत्पादक किसान

सौंसर। नगर के कृष्णा मंगल भवन में संतरा उत्पादक किसानों की बैठक बाबुरावजी बोड़खे के अध्यक्षता में संपन्ना हुई। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सुभाष गाडगे ने कहा कि व्यापारियों के द्वारा लिए गए निर्णय में किसान अपने संतरे के बगीचा को बेचते समय पुरानी परंपरा के अनुसार 1000 संतरे की गिनती पर 50 संतरे अतिरिक्त देता था, किंतु अब व्यापारी को 100 संतरे चाहिए, किसान के बगीचे में संतरे की तुड़वाई पहले व्यापारी द्वारा की जाती थी, जो कि अब किसान को ही करना है और किसान ही उसकी मजदूरी देगा। इस प्रकार इन विषयों पर संतरा मंडी व्यापारी क्षेत्र के किसानों को योजनाबद्ध रूप से लुटना चाहते हैं, इसका सभी किसानों के द्वारा विरोध किया जा रहा है।

बैठक में किसान दीपक कुरहाडे ने शासन की योजना का लाभ लेने और मैनेजमेंट ग्रुप बनाकर संतरा बेचने के बारे में जानकारी दी।

किसानों के द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय पारित किए गए हैं, जिसमें संतरा उत्पादक किसान एक हजार संतरे के साथ 50 संतरा ही अतिरिक्त देगा, संतरे की तुड़वाई का खर्चा पूर्णतः व्यापारियों द्वारा किया जाएगा। संतरे के खरीदने पर दो गवाहों के साथ अनुबंध होगा। जिसमें 10 प्रतिशत राशि का भुगतान सौदे के समय तथा 50 प्रतिशत राशि का भुगतान तुड़वाई पूर्व करनी होगी। किसी कारणवश सौदा निरस्त होता है तो इसका अर्थदंड व्यापारी से वसूल किया जाएगा।


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बच्चों को आनलाइन चित्रकला से जोड़ने के हो रहे प्रयास

सौंसर। सौंसर क्षेत्र आदिवासी पिछड़े कल्याण संकल्प संस्थान द्वारा संचालित आशा केंद्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हुए चित्रकला और आनलाइन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के सचिव राजेंद्र भक्ते ने बताया कि संस्था के द्वारा महिलाओं का सर्वांगीण विकास इस उद्देश्य को लेकर विभिन्ना कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन निरंतर संस्था की ओर से किया जा रहा है।