6 फीट से ज्यादा ऊंचाई की मूर्ति के नहीं मिल रहे आर्डर
फोटो 2 कुम्हारी मोहल्ला में मूर्ति को अंतिम रूप दे रही है महिला कारीगर कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल से आधी रह गई मूर्ति बनाने वालों की कमाई छिंद ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 07 Oct 2020 04:14:32 AM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2020 04:14:32 AM (IST)

फोटो 2
कुम्हारी मोहल्ला में मूर्ति को अंतिम रूप दे रही है महिला कारीगर
कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल से आधी रह गई मूर्ति बनाने वालों की कमाई
छिंदवाड़ा। कोरोना संक्रमण का असर मूर्तिकारों पर भी नजर आ रहा है। बीते साल जहां बड़ी संख्या में मूर्तियों के आर्डर मिलते थे, वहीं इस साल मूर्ति कारीगरों को ज्यादा आर्डर नहीं मिल रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर जो दुर्गा की प्रतिमा को बनाने बंगाल से कलाकार आते थे, वह इस साल नहीं आएंगे। वहीं सांवरी से बड़ी संख्या में जिले के बाहर और महाराष्ट्र के जिलों में प्रतिमाएं जाती थी, लेकिन इस साल ऐसी स्थिति नहीं है। मूर्ति कारीगर ललिता मालवीय ने बताया कि बीते साल 50 मूर्तियों का आर्डर मिला था, जिसके कारण अच्छी कमाई हुई थी, लेकिन इस साल महज 15 मूर्तियों का ही आर्डर मिला है। लिहाजा पिछले साल की तुलना में कमाई आधी रह गई। हालांकि इस बात से वह संतुष्ट हैं कि गणेश प्रतिमा की स्थापना में तो आर्डर ही नहीं आए थे, लेकिन अब पहले से बेहतर स्थिति है। वहीं बेनी पेंटर ने बताया कि पंडाल समितियों ने 6 फीट से कम ऊंचाई की ही मूर्ति के आर्डर दिए थे, जिसके बाद अब नए आर्डर नहीं ले रहे हैं। ऐसे में 6 फीट से ज्यादा ऊंचाई की कोई मूर्ति नजर नहीं आएगी। उनके मुताबिक पिछले साल की तुलना में कारोबार एकदम आधा हो गया है। मूर्ति के निर्माण में खर्च भी काफी आता है। मिट्टी, कलर से लेकर हर वस्तु महंगी हो गई है, इस लिहाज से मूर्ति बनाने का काम काफी महंगा हो गया है।
कोलकाता से आते थे कारीगर
कोरोना संक्रमण का असर नवरात्र के त्योहार पर नजर आएगा ही, लेकिन सबसे ज्यादा असर स्टेशन पर होने वाले नवरात्र उत्सव पर नजर आएगा। यहां हर साल पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में कारीगर आकर मूर्ति का निर्माण करते थे, लेकिन इस साल मजदूर नहीं आएंगे। ऐसे में इस साल रेलवे स्टेशन का त्योहार फीका नजर आएगा।