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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आदिवासियों ने रखी मांगें, कलेक्टर ने दिया आश्वासन

तहसीलदार,एसडीएम और एडीएम को ज्ञापन देने से किया मना कलेक्टर को सभाकक्ष में आने की देनी पड़ी अनुमति फोटो 6एचओएस-8 केप्शन-कलेक्टर गेट पर आदिवासी संगठनों ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 07 Oct 2020 04:13:13 AM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2020 04:13:13 AM (IST)
आदिवासियों ने रखी मांगें, कलेक्टर ने दिया आश्वासन

तहसीलदार,एसडीएम और एडीएम को ज्ञापन देने से किया मना

कलेक्टर को सभाकक्ष में आने की देनी पड़ी अनुमति

फोटो

6एचओएस-8

केप्शन-कलेक्टर गेट पर आदिवासी संगठनों ने किया प्रदर्शन।

6एचओएस 9

केप्शन-कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए आदिवासी संगठन व समर्थन देने वाले प्रमुख नेता।

होशंगाबाद। नवदुनिया प्रतिनिधि

अखिल भारतीय व मप्र आदिवासी विकास परिषद व अन्य अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंगलवार को विभिन्ना मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उससे पूर्व करीब 200 से ज्यादा आदिवासी नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य मार्ग से कलेक्टर कार्यालय के गेट पर पहुंचे। जहां पहले तहसीलदार निधि चौकसे ज्ञापन लेने पहुुंची तो इन आदिवासियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से मना करते हुए कहा कि हम कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। कुछ देर बाद एसडीएम आदित्य रिछारिया पहुंचे उन्हें भी मना कर दिया। फिर एडीएम जीपी माली ने आकर समझाया, लेकिन आदिवासी जिद पर अड़े हुए थे कि कलेक्टर से ही बात करना है, उन्हें ही ज्ञापन देंगे। इस दौरान प्रशासन और आदिवासी नेताओं के बीच हल्की बहस भी हुई।

कलेक्टर सभाकक्ष पहुंचे 200 आदिवासी

कलेक्टर धनंजय सिंह ने आदिवासियों को सभाकक्ष में आने की अनुमति दी। वहां पहुंची भीड़ देखकर कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के चलते इतनी भीड़ से बात संभव नहीं है, दूरी बनाएं। कुछ लोग बाहर जाएं, तब बात होगी। इतना कहकर कलेक्टर सभाकक्ष से अपने कक्ष में चले गए। दूसरे दौर में एडीएम और डीएफओ के साथ हुई बैठक में कुछ प्रमुख मांगों के निराकरण पर चर्चा हुई। उसके बाद कुछ प्रमुख नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया।


प्रमुख मांगे पर अधिकारियों ने दिए आश्वासन

सभाकक्ष से कुछ आदीवासी बाहर हो गए। उसके बाद एडीएम जीपी माली,डीएफओ लालजी मिश्रा के साथ बैठक हुई। जिसमें आदिवासियों ने मांग रखी। प्रमुख मांगों में पीढ़यों से वनक्षेत्र में रह रहे आदिवासियों को खेत और आवास के पट्टे दें। जिस पर प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रकिया चल रही है। जल्द निराकरण हो जाएगा। डूब क्षेत्र की भूमि पर खेती के दौरान हानि होने पर मुआवजा दें। इस पर एक सप्ताह में निराकरण करने को कहा। वन विभाग के रेंजर महिलाओं को रात में बुलाते हैं। इस पर डीएफओ ने कहा कि जो भी दोषी होंगे उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अन्य मांगों में श्मशान के लिए व मवेशी को चराने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए सहित कई मांगें शामिल थीं।