Income Tax Return: आयकर रिटर्न भरते समय इन बातों को न छुपाएं, मोटे ब्याज के साथ देना पड़ सकता है जुर्माना
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है, इसके बाद आयकर विभाग जुर्माना वसूल करेगा। इसके साथ ही अगर आप तय समय से पहले रिटर्न भरने हैं और इस दौ ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 07 Jul 2024 10:16:26 AM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jul 2024 10:53:56 AM (IST)
अलग-अलग आय का अलग-अलग ढंग से टैक्स का होता है आकलन।HighLights
- इनकम टैक्स रिटर्न भरना है अनिवार्य
- आय के तमाम स्रोतों की दें जानकारी
- निवेश की भी देना होती है जानकारी
Income Tax Return बिजनेस डेस्क, इंदौर। आयकर दाखिल करते समय बड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आयकरदाता द्वारा आय के मुख्य स्रोत को तो दिखा दिया जाता है, लेकिन जानकारी के अभाव में आय के अन्य स्रोत को नहीं दिखा पाते। ऐसे में आयकर विभाग आपको नोटिस जारी कर जवाब तलब कर सकता है। साथ ही छूटी हुई आय पर भारी टैक्स के साथ ब्याज लगाकर जुर्माना भी ले सकता है।
रखें ये सावधानी
आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आय के मुख्य स्त्रोत के अलावा गैर व्यापारिक आय जैसे बैंक ब्याज, लाभांश, कृषि आय, मकान, दुकान किराया, शेयर खरीदी-बिक्री, प्लाॅट, मकान खरीदी-बिक्री की जानकारी भी देना चाहिए।
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वर्तमान में लोगों का रुझान इन्वेस्टमेंट की ओर बढ़ा है, ऐसे में शेयर, म्यूचुअल फंड, फ्यूचर ऑप्शन, क्रिप्टो, बिटक्वाइन भी अधिक मात्रा में किए जा रहे हैं। इससे होने वाली आय पर अलग-अलग ढंग से टैक्स का आकलन होता है। इसकी जानकारी भी इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय दिया जाना चाहिए।
एआइएस टूल्स का उपयोग करें
शासन द्वारा बहुत सारे बैंकिंग और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को यह जिम्मेदारी दी है कि वे फॉर्म 16 (1)(A) या फिर टीडीएस के माध्यम से शासन को जानकारी प्रदान करें। साथ ही अगर आयकरदाता को लगता है कि एआइएस में गलत जानकारी दी है तो वह उसका फीडबैक भी दे सकता है।