Vegetable rates: हरी सब्जियां सस्ती, लेकिन मटर खा रहा ‘भाव’... आलू और टमाटर की आवक भी कम
शादियों का सीजन चलने के कारण टमाटर के दाम कम नहीं हुए हैं। हालांकि आम आदमी के लिए अच्छी खबर है कि मंडियों में हरी सब्जी की आवक बनी हुई है। इस कारण दाम ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 07 Dec 2024 01:24:26 PM (IST)Updated Date: Sat, 07 Dec 2024 01:24:26 PM (IST)
HighLights
- आलू 40 रुपए तो टमाटर 50 रुपए किलो बिक रहा
- हरी सब्जियों में सिर्फ मटर के दाम उम्मीद से ज्यादा
- नई खेप आने से दामों में और गिरावट की उम्मीद
नईदुनिया, ग्वालियर। सब्जियों के दाम में बदलाव आया है। हरी सब्जी की पैदावार में वृद्धि होने से इनके दाम पर असर पड़ा है, लेकिन आलू और टमाटर की आवक कम होने से इनके दाम अब भी 40 व 50 रुपये पर स्थिर हैं। इतना ही गोभी के भाव अचानक बढ़े हैं।
बथुआ, थैली, पालक, सरसों गाजर आदि अपने न्यूनतम दामों पर आ रही हैं। पूर्व में जहां सब्जी विक्रेता ग्राहकों को पाव भर सब्जी का भाव बताते थे, वहीं अब किलो भर सब्जी का भाव बता रहे हैं।
दिसम्बर माह का पहला सप्ताह बीत रहा है, लेकिन टमाटर अब तक सस्ती नहीं हुई है। आलू जो अकसर दस रुपए किलो मिल जाता है, नया आलू 40 रुपए किलो मिल रहा है।
प्याज की नई फसल की आवक होने के बावजूद बाजार में प्याज 35 से 40 रुपए प्रति किलो मिल रहा है। ऐसे में सब्जी का एक थैला 500 से 800 रुपए का पड़ रहा है। सब्जी व्यापारी निजाम ने बताया कि कुछ सब्जियों भाव अभी तेज चल रहे हैं। थोक में सस्ती हैं, लेकिन कॉलोनियों और अन्य बाजारों में सब्जी महंगी हो जाती है।
आवक कम होना भी एक कारण
सब्जी विक्रेता निजाम ने बताया कि बरसात का असर टमाटर और आलू पर पड़ा है। इस कारण इनकी आवक कम हुई है। ऐसे में सब्जियां महंगी होने का फायदा किसानों को नहीं होकर बिचौलियों को हो रहा है, जो कोल्ड स्टोरेज में किसानों से सस्ती सब्जी खरीदकर स्टोर करके रख रहे हैं।
गली-मोहल्ले में दाम दोगुने तक पहुंचे सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम कुछ कम हैं। इसके उलट पाश कालोनियों और गली मौहल्लों में खुली सब्जी की छोटी-मोटी दुकानों में वही सब्जी की कीमत कुछ ज्यादा है। मंडी में अगर आलू चालीस रुपये किलो हैं, तो वह पाश कालोनियों में 50 तक में बिक रहे हैं।