
बिजनेस डेस्क। सरकारी नौकरी में जब कर्मचारी रिटायर होते हैं तो उन्हें एकमुश्त राशि मिलती है। ग्रेच्युटी भी इसी का एक अहम हिस्सा है। यह एकमुश्त राशि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक मदद देने का काम करती है।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज चल रही है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या आने वाले समय में उनकी ग्रेच्युटी बढ़ सकती है।
ग्रेच्युटी वह रकम है, जो किसी कर्मचारी को उसकी तय सेवा अवधि पूरी करने पर नियमों के अनुसार एक साथ दी जाती है। रिटायरमेंट के समय मिलने वाली यह रकम रिटायरमेंट के बाद के आपके खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।
ग्रेच्युटी की गणना केंद्र सरकार के सेवा नियमों के तहत की जाती है। कर्मचारी ने कितने समय तक नौकरी की और रिटायरमेंट के समय उसका वेतन कितना था, इन बातों को ध्यान में रखकर ग्रेच्युटी की रकम तय होती है।
सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की गणना रिटायरमेंट के समय मिलने वाले आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) को मिलाकर की जाती है। नियमों के अनुसार, योग्य सेवा के हर छह महीने की अवधि पर इस रकम के एक-चौथाई के बराबर ग्रेच्युटी बनती है।
फिलहाल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये है। ऐसे में किसी कर्मचारी का वेतन और सेवा अवधि बढ़ने से उसकी गणना के हिसाब से ग्रेच्युटी बढ़ सकती है।
अगर आयोग की सिफारिशों के बाद मूल वेतन में बढ़ोतरी होती है और सरकार उन्हें लागू करती है, तो इसका असर ग्रेच्युटी की रकम पर पड़ सकता है।
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने वेतन, भत्तों, पेंशन और ग्रेच्युटी की सीमा में बदलाव सहित कई मांगें रखी हैं। इसमें नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) जैसे संगठन शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में 18 महीने का समय लगता है। ऐसे में इसकी रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की उम्मीद है।
आयोग ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में अपनी बैठकों का दौर पूरा किया था। अब 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में अगले चरण की बैठक होनी है। बता दें कि इन बैठकों में कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों की मांगों और सुझावों पर चर्चा की जाती है।