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बिजनेस डेस्क। अगर किसी व्यक्ति के साथ फ्रॉड होता है यानी उसके बैंक अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं और इसमें उसकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है, ना ही उस इंसान ने किसी को अपना OTP शेयर किया, ना ही बैंक डिटेल तो ऐसी स्थिति में जहां उसकी कोई गलती ही नहीं है उसे क्या करना चाहिए।
आपके साथ फ्रॉड होता है तो बैंक आपका पैसा लौटाएगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि फ्रॉड में गलती या लापरवाही किसकी थी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए भी नियम बनाए हैं. कुछ मामलों में नुकसान की पूरी भरपाई बैंक को करनी पड़ सकती है, जबकि कुछ मामलों में ग्राहक को खुद नुकसान उठाना पड़ सकता है.
अगर आपको खाते में कोई ऐसा लेनदेन दिखता है जो आपने किया ही नहीं है, तो तुरंत बैंक के ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करें और बताएं कि आपके खाते से बिना अनुमति पैसे निकाले गए हैं.
ऑनलाइन ठगी होने पर साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत करें. आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
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अगर आपके बैंक खाते से पैसे निकलने की वजह बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में कमी है, तो ऐसी स्थिति में RBI के नियमों के अनुसार, ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य हो जाती है.
अगर आपके खाते से किसी तीसरे पक्ष की गड़बड़ी या सुरक्षा में सेंध के कारण पैसे निकले हैं तो इस मामले में न आपकी गलती है और न बैंक की. अगर आप बैंक को तीन कार्यदिवस के भीतर इसकी शिकायत कर देते हैं, तो RBI के नियमों के तहत आपकी जिम्मेदारी शून्य हो सकती है.
ऐसे मामलों में बैंक को शिकायत मिलने के 10 कार्यदिवस के अंदर विवादित रकम आपके खाते में अस्थायी रूप से वापस जमा करनी होती है. इसे शैडो रिवर्सल कहा जाता है.
अगर आपके साथ फ्रॉड आपकी गलती से हुआ है यानी अगर आपने अपनी निजी जानकारी जैसे OTP या UPI PIN किसी को शेयर किया है, तो यहां पूरी तरह से आप जिम्मेदार हो सकते हैं. इस स्थिति में बैंक एक भी पैसा वापस नहीं करेगा.