
बिजनेस डेस्क। अगर बैंक किसी व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत का समाधान लंबे समय तक नहीं निकाल पाता है या शिकायत का समाधान निकालने में काफी समय लेता है, तो ग्राहकों को मुआवजा मिलता है। यह मुआवजा 5000 रुपये प्रतिदिन तक हो सकता है।
होम लोन या किसी दूसरे लोन का पूरा भुगतान करने के बाद बैंक की जिम्मेदारी है कि वह तय समय में प्रॉपर्टी से जुड़े मूल दस्तावेज आपको लौटाए। RBI के नियमों के अनुसार, बैंक की वजह से दस्तावेज लौटाने में अगर 30 दिन से ज्यादा की देरी हुई, तो इस मामले में 5000 रुपये प्रतिदिन का मुआवजा मिल सकता है।
अगर आपने बैंक से अपना क्रेडिट कार्ड बंद करने का अनुरोध किया है, तो बैंक को तय समय में इस पर कार्रवाई करनी होती है। RBI के नियमों के मुताबिक, सभी बकाया चुकाने और जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद भी अगर बैंक 7 कार्यदिवस के अंदर आपका कार्ड बंद नहीं करता, तो 500 रुपये प्रतिदिन का मुआवजा ग्राहक को मिल सकता है।
अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी दर्ज है और उसे ठीक कराने के लिए आपने शिकायत की है, लेकिन इसके बाद भी समस्या दूर नहीं होती है, तो मुआवजे का नियम लागू हो सकता है। RBI के नियमों के अनुसार, शिकायत करने के 30 दिनों के अंदर समाधान नहीं होता है, तो बैंक को हर दिन की देरी के लिए 100 रुपये का मुआवजा देना पड़ सकता है।
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बता दें कि बैंक से जुड़ी हर परेशानी पर मुआवजा मिलने का नियम नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी शिकायत किस तरह की है और उस मामले में RBI के क्या नियम हैं।