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मेट्रो में अगर करें कोई बदतमीजी या मारपीट की कोशिश, तुरंत करें ये काम, जानें हेल्पलाइन नंबर्स

दिल्ली मेट्रो में सीट के लिए हुए मामूली विवाद में एक शख्स को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

By Shailly AryaEdited By: Shailly Arya
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 03:40:33 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 03:40:33 PM (IST)
मेट्रो में अगर करें कोई बदतमीजी या मारपीट की कोशिश, तुरंत करें ये काम, जानें हेल्पलाइन नंबर्स
मेट्रो में अगर करें कोई बदतमिजी या मारपीट की कोशिश, तुरंत करें यह काम, जानें हेल्पलाइन नंबर्स

HighLights

  1. दिल्ली मेट्रो में सीट के विवाद में शख्स की पीट-पीटकर हत्या
  2. पूर्व IAS और वकील बेटा को किया गया गिरफ्तार
  3. BNS की इन धाराओं के तहत होगी सीधी जेल

बिजनेस डेस्क। यमुना बिहार में रहने वाले पवन शर्मा 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो से अपने घर लौट रहे थे।

दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के अंदर बुजुर्गों के लिए रिजर्व सीट को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाप-बेटे संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह ने पवन को बेरहमी से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि संजय प्रताप सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं. उन्हें इससे पहले कथित रिश्वत के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था. उनका बेटा उच्चतम न्यायालय में वकालत करता है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.


लेकिन अगर आपके सामने कभी मारपीट जैसी घटना हो या आपसे कोई बदतमीजी करने लगे, तो आप ये कर सकते हैं

मेट्रो कोच के अंदर दरवाजों के पास एक इमरजेंसी टॉक बैक बटन होता है. लड़ाई या आपातकालीन स्थिति में इस बटन को दबाकर आप सीधे मेट्रो ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकते हैं, वे तुरंत अगले स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड को सतर्क कर देंगे.

अगर आप स्टेशन या प्लेटफॉर्म पर हैं और ऐसा कुछ देखते हैं तो तुरंत स्टेशन कंट्रोल रूम या कस्टमर केयर सेंटर पर जाएं. वहां मौजूद अधिकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को मौके पर भेजेंगे.

मेट्रो प्लेटफॉर्म, एंट्री गेट और टिकट काउंटर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. उन्हें तुरंत घटना की जानकारी दें.

हेल्पलाइन नंबरों की भी ले सकते हैं मदद

  • दिल्ली मेट्रो: 24*7 हेल्पलाइन 155370
  • CISF सुरक्षा नियंत्रण: 1911
  • आपातकालीन पुलिस सेवा:112
  • X Handle: @Official_DMRC
  • मेट्रो कस्टमर केयर नः 18001805014

मेट्रो में विवाद, गाली गलौज करने या सहयात्रियों को असुविधा पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 और भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कार्रवाई होती है.

मेट्रो एक्ट के तहत जुर्माना

  • मेट्रो में लड़ाई या हंगामा करने पर 2,500 रुपये जुर्माना और तुरंत ट्रेन से बाहर कर दिया जाता है।
  • महिला कोच में घुसकर बहस करने पर 5,000 रुपये तक का फाइन।

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BNS के तहत आपराधिक केस और जेल

  • गाली-गलौज या उकसाने पर (धारा 352): शांति भंग करने पर 2 साल तक की जेल या जुर्माना।
  • महिला से अभद्र व्यवहार (धारा 79): महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर गैर-जमानती केस और कड़ी सजा।
  • धमकी देने पर (धारा 351): जान से मारने या चोट पहुंचाने की धमकी देने पर 2 से 7 साल तक की जेल।