
बिजनेस डेस्क। यमुना बिहार में रहने वाले पवन शर्मा 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो से अपने घर लौट रहे थे।
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के अंदर बुजुर्गों के लिए रिजर्व सीट को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाप-बेटे संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह ने पवन को बेरहमी से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि संजय प्रताप सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं. उन्हें इससे पहले कथित रिश्वत के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था. उनका बेटा उच्चतम न्यायालय में वकालत करता है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
लेकिन अगर आपके सामने कभी मारपीट जैसी घटना हो या आपसे कोई बदतमीजी करने लगे, तो आप ये कर सकते हैं
मेट्रो कोच के अंदर दरवाजों के पास एक इमरजेंसी टॉक बैक बटन होता है. लड़ाई या आपातकालीन स्थिति में इस बटन को दबाकर आप सीधे मेट्रो ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकते हैं, वे तुरंत अगले स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड को सतर्क कर देंगे.
अगर आप स्टेशन या प्लेटफॉर्म पर हैं और ऐसा कुछ देखते हैं तो तुरंत स्टेशन कंट्रोल रूम या कस्टमर केयर सेंटर पर जाएं. वहां मौजूद अधिकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को मौके पर भेजेंगे.
मेट्रो प्लेटफॉर्म, एंट्री गेट और टिकट काउंटर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. उन्हें तुरंत घटना की जानकारी दें.
मेट्रो में विवाद, गाली गलौज करने या सहयात्रियों को असुविधा पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 और भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कार्रवाई होती है.