
बिजनेस डेस्क। Blinkit, Instamart और Amazon Now जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के नियम सख्त करने की तैयारी में है FSSAI। FSSAI का मकसद खाने-पीने के सामान की सुरक्षा बढ़ाना और कंपनियों की जवाबदेही तय करना है।
Bloomberg के मुताबिक, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों को लेकर नया नियम ला रहा है। कहा जा रहा है कंपनियों को प्रोडक्ट की ऑनलाइन लिस्टिंग में मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जरूरी जानकारी दिखानी पड़ सकती है।
FSSAI के सीईओ Rajit Punhani ने Bloomberg से बातचीत में कहा कि रेगुलेटर इन प्लेटफॉर्म को ज्यादा जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में Eternal की Blinkit, Swiggy Instamart, Walmart के स्वामित्व वाली Flipkart और Amazon की भारतीय इकाई पर अलग-अलग तरह के नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हुई है, जिनमें गलत लेबलिंग, प्रतिबंधित सामान की बिक्री और वैध लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ियां शामिल हैं।
Rajit Punhani ने कहा ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ अभियोजन के मामले पिछले एक साल में कम से कम पांच से छह गुना बढ़े हैं। अप्रैल से सितंबर के बीच करीब 7 लाख निरीक्षण किए गए, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले लगभग दोगुने हैं।
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FSSAI की सख्ती सिर्फ क्विक कॉमर्स तक सीमित नहीं है। बल्कि फूड कंपनियों, होटल, रेस्टोरेंट के विज्ञापनों, प्रोडक्ट के दावों, लेबलिंग और स्टोरेज की भी जांच हो रही है। इसके अलावा सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स बेचने वाली कंपनियों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, वजन घटाने जैसे दावों की जांच की जा रही है।
PepsiCo, Nestlé India, Dabur India और JW Marriott जैसी कंपनियों पर भी अलग-अलग उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई हुई है। वहीं, Dr। Reddy’s Laboratories और Nestlé India के जॉइंट वेंचर के एक सप्लीमेंट पर भ्रामक दावों को लेकर कार्रवाई की गई है।
अगर ये सब नए नियम लागू होते हैं, तो ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों को प्रोडक्ट की जानकारी और उसकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहना पड़ सकता है। हालांकि, अभी ये प्रस्तावित कदम हैं।