
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में बुधवार को दोनों मूल्यवान धातुओं की कीमतों में स्थिरता रही लेकिन फिर भी भारतीय बाजारों में बढ़त का सिलसिला जारी रहा। चांदी की टाइट सप्लाई और ओद्यौगिक मांग के चलते बुधवार को इंदौर में चांदी चौरसा 12,100 रुपये उछलकर अभी तक के सर्वोच्च स्तर 2,68,000 और आरटीजीएस में चांदी 271000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
इधर, सोने में भी तेजी का वातावरण रहा। इंदौर में सोना केडबरी 1000 रुपये बढ़कर 144300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। ज्वेलर्स का कहना है कि इस मज़बूत तेज़ी का कारण बढ़ा हुआ भू-राजनीतिक जोखिम और राजनीतिक अनिश्चितता है। खासकर फेड चेयर जेरोम पावेल से जुड़ी एक आपराधिक जांच के घटनाक्रम के बाद अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई जाने लगी है।
ईरान के आसपास बढ़ते तनाव और व्यापक वैश्विक अस्थिरता ने सुरक्षित निवेश की मांग सोने-चांदी की और बढ़ गई। अधिक उदार मौद्रिक रुख की उम्मीदों ने भी समर्थन दिया, जिसमें फेड फंड्स फ्यूचर्स इस साल अतिरिक्त दर कटौती का संकेत दे रहे हैं।
इससे भारतीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त का सिलसिला जारी रहा। केंद्रीय बैंकों की मज़बूत खरीदारी कीमतों को सहारा दे रही है। दिसंबर के अंत में लंदन वाल्ट्स में सोने का भंडार 9,106 टन हो गया, जो महीने-दर-महीने 2.24 फीसद अधिक है, जबकि चांदी का स्टाक भी बढ़ा है।
कामेक्स वायदा- पर सोना वायदा बढ़कर 4585 डॉलर तक जाने के बाद ऊपर में 4607 डॉलर और नीचे में 4573 डॉलर प्रति औंस और चांदी 85.61 डॉलर तक जाने के बाद ऊपर में 86.03 डालर और नीचे में 83.35 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।