Gold Rate Today: 21 जनवरी को सोना पहली बार 1.50 लाख पार, रॉकेट बनी गोल्ड-सिल्वर की कीमतें
सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखी गई है। सोना पहली बार 10 ग्राम पर डेढ़ लाख रुपये पार पहुंचा, जबकि चांदी भी ऐतिहासिक स्तर पर है। जनवरी में ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 02:35:30 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 03:16:52 PM (IST)
सोना-चांदी की कीमतों में तेजी बरकरार है। (फाइल फोटो)HighLights
- सोना पहली बार 10 ग्राम पर डेढ़ लाख पार।
- एमसीएक्स पर सोना 1,52,500 रुपये तक पहुंचा।
- चांदी का भाव 3,10,275 रुपये प्रति किलो रहा।
बिजनेस डेस्क। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और बाजार में इनकी रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को सोने ने इतिहास रचते हुए पहली बार 10 ग्राम के लिए डेढ़ लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। वहीं, चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल बना हुआ है।
सोमवार को सोने का बंद भाव 1,45,639 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। मंगलवार को मामूली गिरावट के साथ यह 1,45,500 रुपये पर खुला, लेकिन कारोबार बढ़ते ही इसमें तेज उछाल आया। एमसीएक्स पर सोना 6,861 रुपये की तेजी के साथ 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जिससे यह पहली बार डेढ़ लाख के पार चला गया।
चांदी भी नहीं रही पीछे
चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई है। सोमवार को चांदी का बंद भाव 3,10,275 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 32,187 रुपये यानी 11.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले 16 जनवरी को चांदी का भाव 2,87,762 रुपये प्रति किलोग्राम था।
जनवरी में सोने-चांदी की तेज चाल
साल 2026 के शुरुआती दिनों में सोने की कीमतों में थोड़ी सुस्ती देखी गई थी, लेकिन अब यह फिर तेज रफ्तार पकड़ चुका है। जनवरी के पहले 20 दिनों में ही 24 कैरेट सोने की कीमत में 17,053 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे बाजार में निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने-चांदी की ओर बढ़ा है।
निवेशकों की नजर आगे की चाल पर
बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, 5 फरवरी 2026 की एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 1,42,517 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब निवेशकों की नजर आगे के बाजार रुझान और वैश्विक कारकों पर टिकी हुई है।