
बिजनेस डेस्क। ICICI बैंक ने 1 दिसंबर 2026 से सेविंग अकाउंट के सर्विस चार्ज में बदलाव कर दिया है।
कैश ट्रांजैक्शन की लागत बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक डेबिट भुगतान फेल होने पर लगने वाला जुर्माना भी बढ़ जाएगा। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो बैंक की शाखा में बार-बार कैश जमा करते हैं या निकालते हैं।
ICICI बैंक ने एक ईमेल भेजकर अपने हर ग्राहक को जानकारी दी है कि वह कुछ सेविंग अकाउंट्स में कैश ट्रांजैक्शन पर लगने वाले सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रहा है। जिसके तहत बैंक फ्री लिमिट से अधिक होने वाले सेविंग अकाउंट कैश ट्रांजैक्शन पर चार्ज बढ़ा देगा।
निर्धारित लिमिट पार होने पर हर 1,000 रुपये पर लगने वाला शुल्क 3.50 रुपये से बढ़कर 4 रुपये कर दिया जाएगा।
यह बदलाव बैंक की शाखाओं में कैश जमा करने वालों पर लागू होगा। शाखा से कैश निकालने पर भी संबंधित शुल्क में बदलाव किया गया है। हालांकि ICICI बैंक के सेविंग अकाउंट में ग्राहकों को हर महीने तीन मुफ्त नकद जमा और तीन मुफ्त नकद निकासी लेनदेन की सुविधा मिलती रहेगी।
अगर आप एक महीने में 1 लाख रुपये तक का कैश ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपसे कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। लेकिन जैसे ही आप 1 लाख रुपये की लिमिट पार करेंगे, उसके बाद चार्ज लगना शुरू होगा।
आपने महीने में कुल ₹1,10,000 (1 लाख 10 हजार) कैश निकाला/जमा किया, आपने फ्री लिमिट से ₹10,000 ज्यादा निकाले।
10,000 रुपये पर 4 रुपये प्रति हजार के हिसाब से चार्ज = 10 x 4 = 40 रुपये
लेकिन नियम है कि कम से कम 150 रुपये लगेंगे। इसलिए आपको ₹40 की जगह ₹150 शुल्क देना पड़ेगा।
मान लीजिए आपने महीने में कुल ₹1,50,000 (1 लाख 50 हजार) कैश निकाला/जमा किया, आपने फ्री लिमिट से ₹50,000 ज्यादा निकाले।
50,000 रुपये पर 4 रुपये प्रति हजार के हिसाब से चार्ज = 50 x 4 = 200 रुपये
अब क्योंकि यह रकम ₹150 से ज्यादा है, तो आपको ₹200 शुल्क देना होगा। सीधा सा मतलब है 1 लाख से ऊपर जाते ही आपको कम से कम ₹150 तो देने ही पड़ेंगे।
यह भी पढ़ें- SBI ग्राहकों के लिए बुरी खबर! बैंक ने माना- लीक हुआ 3.75 लाख लोगों का डेटा, जानें क्या है पूरा मामला
ECS और NACH से होने वाली ऑटो-डेबिट फेल होने पर बैंक ने चार्जेस बदल दिए हैं।
आपको बता दें कि यह चार्ज लोन की EMI, पॉलिसी प्रीमियम या बिल पेमेंट बाउंस होने पर लगता है। बैंक एक ही महीने में एक मैंडेट के लिए ज्यादा से ज्यादा 3 बार ही यह पेनल्टी लगा सकता है।