
इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 92(2)(m) के तहत कुछ गिफ्ट पाने वाले व्यक्ति की आय में जोड़े जा सकते है, जो पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 56(2)(x) के अनुरूप है.
अगर आपको बिना किसी भुगतान के अचल संपत्ति यानी कोई फ्लैट, मकान या जमीन गिफ्ट के तौर पर मिलती है और उस प्रॉपर्टी की स्टांप ड्यूटी वैल्यू 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो सामान्य नियमों के तहत उसकी पूरी वैल्यू टैक्स के दायरे में आती है।
अगर आप किसी से स्टांप ड्यूटी वैल्यू से काफी कम कीमत पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो स्टांप ड्यूटी वैल्यू और खरीद मूल्य के अंतर (Difference) पर भी तय शर्तों और सीमा के आधार पर टैक्स लग सकता है।
इनकम टैक्स नियमों में खून के और करीबी रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट्स को टैक्स से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
अगर आपकी कंपनी या एम्प्लॉयर की ओर से दिवाली पर कोई गिफ्ट, गिफ्ट कार्ड या वाउचर मिलता है, तो उस पर भी टैक्स का नियम लागू होता है। इनकम टैक्स नियमों के तहत, एक वित्त वर्ष में कंपनी से मिले कुल सामान, गिफ्ट हैंपर, वाउचर या टोकन की कुल कीमत 15,000 रुपये तक होने पर उसे पूरी तरह टैक्स फ्री माना जाता है।
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अगर कंपनी से मिले गिफ्ट्स का कुल मूल्य 15,000 रुपये से ऊपर जाता है, तो अतिरिक्त रकम आपकी सैलरी आय में जुड़ जाती है और उस पर नियम के अनुसार टैक्स बनता है।