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बिजनेस डेस्क। भारत कई देशों के साथ अपने व्यापारिक रिश्ते मजबूत कर रहा हैं। फिलहाल भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बात चीत चल रही थी। जिसे पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड की संसद ने FTA कानून को मंजूरी दे दी हैं।
आने वाले 20 अक्टूबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुफ्त व्यापार समझौता लागू हो जाएगा। इसका मतलब अब भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 फीसदी सामानों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने सोमवार को इसकी घोषणा की थी.
अभी तक न्यूजीलैंड सिरेमिक, कार्पेट, गाड़ियों और उनके पुर्जों जैसे कई भारतीय सामानों पर 10 फीसदी तक ड्यूटी लगाई जाती हैं। बता दें कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मकसद दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवाओं का व्यापार बढ़ाना और निवेश को बढ़ावा देना होता हैं।
इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से भारत आने वाले करीब 95% सामान पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी खत्म या बहुत कम हो जाएगी। जिस वजह से न्यूजीलैंड से आने वाली शराब, कीवी फल और सेब जैसे चीजों के दाम घट जाएंगे। इसके अलावा भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए न्यूजीलैंड जाने और वहां काम करने के नियमों में थोड़ी ढील मिलेगी।
इस समझौते का असर कई भारतीय सेक्टर्स पर देखने को मिलेगा, जैसे कि इंजीनयरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल्स सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्रों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच का रास्ता खुलेगा।
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पीयूष गोयल ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "20 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में भारत से होने वाले एक्सपोर्ट पर कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी. भारत से सारे एक्सपोर्ट ड्यूटी फ्री होंगे और न्यूजीलैंड को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में प्राथमिकता वाली पहुंच मिलेगी." बता दें कि न्यूजीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने का भी कमिटमेंट किया है।
बताते चलें कि भारत पहले से ही न्यूजीलैंड को कई चीजें निर्यात करता हैं। जिसमें फार्मासुटिकल, टेक्सटाइल, इंजीनयरिंग गुड्स और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट जैसे सामान शामिल है। जबकि न्यूजीलैंड से भारत आने वाले समानों में वुड फॉरेस्ट्री, वूल, मेटल्स और एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट शामिल हैं।