
बिजनेस डेस्क। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ करीब ₹30,213 करोड़ का है। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर ₹1,119 का अपर प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, यानी एक लॉट में निवेश के लिए ₹13,428 की जरूरत होगी।
कंपनी ने 14 अक्टूबर को आईपीओ का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था। बता दें कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
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जियो के आईपीओ में पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट मिलेगी। इसके अलावा कंपनी ने कर्मचारियों के लिए अधिकतम ₹500 करोड़ के शेयर रिजर्व रखने का प्रावधान किया है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए अधिकतम ₹2,500 करोड़ के शेयर रिजर्व किए गए हैं।
इस आईपीओ को लेकर अंबानी फैमिली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने जियो से जुड़े कुछ किस्से सुनाए।
ईशा अंबानी ने बताया कि जियो का आइडिया उन्हें साल 2011 में आया था। उस समय वह अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी में पढ़ रही थीं और छुट्टियों में भारत आने पर धीमे इंटरनेट की वजह से उन्हें कॉलेज असाइनमेंट सबमिट करने में परेशानी हुई थी। इसी दौरान आकाश अंबानी ने डिजिटल कंपनी शुरू करने का आइडिया दिया था और आज 2026 में जियो काफी बेहतर स्थिति में पहुंच चुकी है।
आकाश अंबानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जियो ने भारत को डेटा की कमी वाले देश से डेटा की भरपूर उपलब्धता वाला देश बनाया है। फिलहाल 53 करोड़ लोग जियो पर भरोसा करते हैं। कंपनी का EBITDA मार्जिन 53 फीसदी रहा है। जियो का लक्ष्य विकसित भारत के सपने के साथ ग्राहकों को बेहतर कनेक्टिविटी और हाई क्वालिटी सर्विस देना है।
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