
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल व टेलीकॉम यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ लाने जा रही है, जो 21 से 23 अक्टूबर तक निवेशकों की बोली के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने 14 अक्टूबर को अपना RHP फाइल करते हुए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है, जिसके ऊपरी बैंड के हिसाब से इस आईपीओ का कुल आकार 30,213 रुपये करोड़ होगा।
इस आईपीओ प्रक्रिया के तहत 26 अक्टूबर को शेयरों का आवंटन पूरा होने के बाद 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग होगी। 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग 108.3 अरब डॉलर यानी 10.3 लाख करोड़ से अधिक आंका गया है। यदि लिस्टिंग के दिन कंपनी का मार्केट कैप 10.25 लाख करोड़ के आसपास रहता है, तो यह देश की चौथी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन जाएगी।
इसी के साथ वह सीधे तौर पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) तथा आईसीआईसीआई बैंक को पीछे छोड़ देगी। वहीं, अगर लिस्टिंग में 10 से 20 प्रतिशत तक का प्रीमियम मिलता है, तो यह बाजार मूल्यांकन के मामले में एचडीएफसी बैंक को पछाड़कर तीसरा स्थान भी हासिल कर सकती है।
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वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (₹16.55 लाख करोड़), भारती एयरटेल (₹11.55 लाख करोड़), एचडीएफसी बैंक (₹11.23 लाख करोड़), आईसीआईसीआई बैंक (₹10.01 लाख करोड़) और एसबीआई (₹8.87 लाख करोड़) शामिल हैं।
इनके बाद टीसीएस (₹8.51 लाख करोड़), बजाज फाइनेंस (₹6.02 लाख करोड़), एलएंडटी (₹5.03 लाख करोड़), एलआईसी (₹4.98 लाख करोड़) और इन्फोसिस (₹4.50 लाख करोड़) का स्थान आता है। जियो प्लेटफॉर्म्स की ₹10.3 लाख करोड़ की अनुमानित वैल्यूएशन पर लिस्टिंग होते ही वह सीधे चौथे पायदान पर जगह बनाकर देश के कॉर्पोरेट जगत के समीकरणों को पूरी तरह बदल देगी।