1 नवंबर से बदल रहे GST के नियम! GST Council के फैसले होंगे लागू, छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत
एक नवंबर से देश में जीएसटी से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं। 8 अक्टूबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने की तैयारी पूरी हो...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 11:37:10 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 11:37:10 AM (IST)
1 नवंबर से बदल रहे GST के नियम! GST Council के फैसले होंगे लागू, छोटे व्यापारियों को बड़ी राहतHighLights
- 1 नवंबर से बदल रहे GST के नियम
- GST रिटर्न के नए फॉर्म का ड्राफ्ट होगा जारी
- ITC रिफंड का मिलेगा फायदा
बिजनेस डेस्क। 8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए कई फैसले 1 नवंबर से लागू होने जा रहे हैं। इसमें छोटे ई-कॉमर्स सेलर्स के लिए रजिस्ट्रेशन आसान बनाने, ITC रिफंड में तेजी लाने और 10,000 रुपये से कम की टैक्स गड़बड़ी पर सीधे नोटिस जारी न करने जैसे बड़े सुधार शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अगले 1-2 दिनों में इसकी नोटिफिकेशन जारी हो जाएगी।
GST रिटर्न के नए फॉर्म का ड्राफ्ट होगा जारी
1 नवंबर को सरकार GST रिटर्न फॉर्म में बदलाव को लेकर एक ड्राफ्ट जारी करेगी, ताकि 1 अप्रैल से नया फॉर्म लागू किया जा सके। इस ड्राफ्ट पर कारोबारी 30 नवंबर तक अपने सुझाव दे सकेंगे।
गलती सुधारने के लिए अलग फॉर्म
- अभी GSTR-1 में कोई गलती होने पर (जैसे 5 लाख की जगह 50,000 लिखा गया हो) अगले महीने उसी फॉर्म में सुधार कर दिया जाता है।
- नए नियम के बाद GSTR-1 में डायरेक्ट बदलाव नहीं होगा। संशोधन के लिए कारोबारियों को अलग से GSTR-1A फॉर्म भरना पड़ेगा।
- एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक ही फॉर्म में बार-बार बदलाव करने से AI सिस्टम उसे ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे टैक्स डिपार्टमेंट से भी गलतियां हो जाती थीं।
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ITC रिफंड का मिलेगा फायदा
- 1 नवंबर से लागू होने वाले नियमों से एक्सपोर्टर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का सीधा फायदा मिलेगा।
- अगर कोई कंसलटेंट अपनी सर्विस एक्सपोर्ट करता है और काम के लिए कंप्यूटर या AC खरीदता है, तो अब वह इस पर ITC का फायदा ले सकेगा।
- जो मैन्युफैक्चरर्स 18% पर कच्चा माल खरीदते हैं और तैयार माल 5% पर बेचते हैं, उन्हें पहले इनपुट सर्विस पर रिफंड नहीं मिलता था। अब वे भी इस पर रिफंड क्लेम कर सकेंगे।
जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के प्रेसिडेंट जस्टिस रिटायर्ड संजय कुमार मिश्रा ने कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स की गलतियों पर चिंता जताई है।
देश की सभी GSTAT पीठों में करीब 1 लाख अपीलें लंबित हैं, जिनमें से 250 का निपटारा हो चुका है। मुख्य पीठ के पास आए 7,000 मामलों में से 95% मामले उसके अधिकार क्षेत्र में आते ही नहीं हैं।
इस वजह से रोजाना औसतन 40 से 50 अर्जियों को मुख्य पीठ से हटाकर संबंधित राज्य पीठों को ट्रांसफर करना पड़ रहा है।