
बिजनेस डेस्क। फेस्टिव सीजन आ चुका है और लोग जल्दबाजी में खरीदारी कर रहे हैं। अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने ग्राहकों के लिए कई डिस्काउंट ऑफर्स पेश किए हैं, जिन्हें ग्राहक बिना देर किए तुरंत नो-कॉस्ट EMI चूज कर दे रहे हैं। आज हम आपको नो-कॉस्ट EMI के इसी ऑफर के बारे में बताने वाले हैं कि क्या यह सच में फायदेमंद होता भी है या नहीं।
नो-कॉस्ट EMI का मतलब सामान की पूरी कीमत एक बार में देने के बजाय हर महीने किस्तों में भुगतान किया जा सकता है और इस ऑफर में दावा किया जाता है कि आपको कोई ब्याज नहीं देना होगा और न ही एक साथ बड़ी रकम खर्च करनी होगी।
सामान्य EMI में ग्राहक को मूल रकम के साथ ब्याज भी चुकाना पड़ता है, लेकिन नो-कॉस्ट EMI में ब्याज का खर्च किसी दूसरी तरह से समायोजित किया जाता है। कुछ मामलों में ग्राहक को सामान पर मिलने वाली छूट नहीं मिलती, जबकि कुछ ऑफर्स में ब्याज की रकम उत्पाद की कीमत में शामिल हो सकती है।
खरीदारी से पहले यह देखना जरूरी है कि बिना EMI के सामान कितने रुपये में मिल रहा है और किस्तों में लेने पर कुल कितना भुगतान करना होगा। इसके साथ ही पता करें कि कोई प्रोसेसिंग फीस या उस पर टैक्स तो नहीं देना होगा। किस्त समय पर नहीं चुकाने पर लगने वाले शुल्क और देर से भुगतान की शर्तों को भी ध्यान से पढ़ें।
अगर आपके पास इकट्ठा पैसा नहीं है, तो आपके लिए नो-कॉस्ट EMI का ऑफर बेहतर हो सकता है, लेकिन सारी चीजों का ध्यान रखकर ही डिसीजन लें।
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