
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : चांद पर पहुंचकर जमीन पर आए सोना-चांदी के भाव ने सराफा बाजार में बड़ी बिकवाली और नई खरीदी के समीकरण बनाए हैं, लेकिन लगातार नीचे जा रहे भाव के बाद भी बड़े निवेशक तगड़ा नुकसान उठाते हुए बिकवाली से बच रहे हैं।
निवेशकों को चांदी के फिर से चांद पर जाने की उम्मीद है, वहीं जरूरी खरीदी करने वाले भाव और नीचे आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि त्योहारी सीजन में ग्राहकी में उठाव आ गया है। फिर भी कई लोग चांदी 1.50 लाख और सोना 1.10 लाख के अंदर आने की प्रतीक्षा में बैठकर गिरते बाजार पर नजर रख रहे हैं।
नौ माह पहले की तूफानी तेजी के बाद अब सोना-चांदी के भाव में गिरावट के भूचाल ने 1980 की याद ताजा करा दी है। 1980 में चांदी में 90 फीसद तक नीचे गिर गई थी, जो वर्तमान में 60 फीसद से अधिक पर पहुंच चुकी है। वर्तमान में दोनों धातुओं के भाव गत वर्ष दीपोत्सव के समकक्ष आ गए हैं। इससे निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को खरीदी का अवसर मिलता जा रहा है।

जनवरी 2026 में चार लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी चांदी शुक्रवार को रतलाम के हाजर व बिल कारोबार में 1.88 से 1.89 लाख रुपये पर आ गई, जबकि 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंचा सोना 1.45 से 1.46 लाख रुपये पर कारोबार करता रहा। जनवरी की तुलना में चांदी करीब 2.12 लाख रुपये प्रति किलो और सोना लगभग 37 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। कीमतों में भारी गिरावट ने ऊंचे भाव पर खरीदी करने वाले कारोबारियों और निवेशकों को चिंतित कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी ज्यादातर कारोबारी व निवेशक धैर्य रखते हुए बिकवाली से बच रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब सभी की निगाहें क्रूड आइल की घटती-बढ़ती कीमतों पर टिकी हुई है। हाल ही में अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को करारी पराजय का सामना करना पड़ा है। इससे सोना-चांदी के साथ क्रूड आइल की कीमतों पर असर पड़ा है।
लगातार रेड जोन में चल रहे सोना-चांदी ग्रीन जोन में आ गए हैं तो क्रूड आइल ग्रीन जोन से रेड जोन में जाते दिख रहा है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना करीब 141444 से 142886 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 182585 से 185692 रुपये प्रति किलो के स्तर पर रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पाट गोल्ड 4036.42 से 4106.94 डालर प्रति औंस और स्पाट सिल्वर 51.1970 से 52.2145 सेंट डालर के बीच कारोबार करती रही।
सराफा व्यवसायी शुभम मूणत का कहना है कि सोना-चांदी में भारी गिरावट के बाद भी बाजार में मांग बनी हुई है। इतनी बड़ी गिरावट के बाद भी बिकवाली की बजाय लेवाली का ग्राफ ऊपर जा रहा है। हालांकि अभी भी अपेक्षानुरूप ग्राहकी नहीं है। मूणत का कहना है कि सराफा में सोना-चांदी की खरीदी का ट्रेंड अलग है। तेजी के बाजार में खरीदार-बेचवाल दोनों मैदान में रहते हैं, जबकि गिरावट के दौरान बेचवाल बाजार से नदारद हो जाते हैं। केवल और केवल अत्यधिक जरूरत होने पर ही निवेशक बिकवाली करते हैं, जिसका प्रतिशत बेहद कम है।
सराफा व्यवसायी प्रतीक जैन व ऋषभ संघवी का कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में बड़े स्तर पर तेजी-मंदी करने वाले बाजार से धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं। अब बाजार में केवल जरूरी खरीदी करने वाले ही दस्तक दे रहे हैं। ऐसे में अब आगामी कुछ दिनों तक भाव में ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना कम नजर आ रही है। हालांकि वैश्विक स्तर पर बदलते घटनाक्रम सोना-चांदी की कीमतों में पानी और घी दोनों डाल सकते हैं।