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बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। खनिज तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके चलते बुलियन मार्केट में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
कामेक्स पर सोना वायदा 31 डालर फिसलकर 4,089 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 130 सेंट गिरकर 56.06 डालर प्रति औंस पर आ गई। ग्लोबल संकेतों के असर से स्थानीय सराफा में भी नरमी दर्ज की गई है।
ऑल इंडिया बुलियन (AIB) के रेट के मुताबिक, आज 26 अक्टूबर को सुबह 08:36 बजे तक इंदौर में 24 कैरेट (999) सोना ₹1,44,690 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट (916) सोना ₹1,32,536 प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट (750) सोना ₹1,08,517 प्रति 10 ग्राम और चांदी (999) ₹2,01,865 प्रति किलोग्राम है।
रतलाम सराफा में भी भाव स्थिर से नरम बने हुए हैं। ऑल इंडिया बुलियन के मुताबिक सुबह 08:38 बजे तक 24 कैरेट (999) सोना ₹1,44,763 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट (916) सोना ₹1,32,603 प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट (750) सोना ₹1,08,572 प्रति 10 ग्राम और चांदी (999) ₹2,01,872 प्रति किलोग्राम है।
स्थानीय हाजिर बाजार में सोना केडबरी रवा नकद में ₹1,46,400 प्रति 10 ग्राम है, जो पिछले कारोबारी दिन ₹1,47,000 पर था। वहीं आरटीजीएस में सोना ₹1,42,500 (GST अतिरिक्त) और 22 कैरेट सोना ₹1,30,600 (GST अतिरिक्त) प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी चौरसा का भाव ₹2,05,200 प्रति किलो और चांदी टंच ₹2,06,000 प्रति किलो पर रही। वहीं आरटीजीएस में चांदी ₹6,600 टूटकर दो लाख के नीचे ₹1,99,300 प्रति किलो पर आ गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमतों में इस बड़ी मंदी के पीछे तीन बड़े कारण हैं।
फेडरल रिजर्व की बैठक का इंतजार: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) की ब्याज दरों को लेकर अगले हफ्ते अहम बैठक होने वाली है। निवेशक किसी भी बड़े फैसले से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं और बाजार से दूरी बनाए हुए हैं।
महंगाई के मजबूत आंकड़े: खनिज तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। ऊर्जा की ऊंची लागत के चलते अमेरिका में उपभोक्ता (CPI) और उत्पादक (PPI) महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत आए हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को झटका लगा है।
कमजोर निवेश और सप्लाई का जोखिम: मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव के साथ स्ट्रेट आफ होर्मुज में टैंकरों पर हमलों से सप्लाई में रुकावट का खतरा बना हुआ है।
हालांकि घटतो दामों के बावजूद फिलहाल बाजार में चहल-पहल कम है, लेकिन कारोबारियों को उम्मीद है कि धनतेरस पर अच्छी खरीदारी देखने को मिलेगी।