
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : मूल्यवान धातु सोना-चांदी में लंबे समय से जारी गिरावट ने सराफा में कामकाज ठप कर दिया है। ऊंचे भाव पर खरीदी अथवा निवेश करने वाले जहां तेजी के इंतजार में बैठे हैं, वहीं जरूरी खरीदी करने वाले भाव और नीचे आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इससे सराफा में कामकाज नहीं के बराबर है। बाजार के जानकार आगामी दिनों में सोना-चांदी के भाव में अप्रत्याशित गिरावट की संभावना जता रहे हैं। ऐसे में ऊंचे स्तर पर खरीदी करने वालों के लिए सोना-चांदी गले की हड्डी बन गए हैं।
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जनवरी 2026 में तूफानी तेजी के दौरान चांदी चार लाख रुपये किलो के पार पहुंच गई थी, जबकि सोना ने 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर कारोबार किया था। अब हाजर बाजार में चांदी 2.22 से 2.23 लाख और सोना 1.48 से 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया है।
गुरुवार को एमसीएक्स पर सोना 148965 से 149900 रुपये तथा चांदी 220418 से 224652 रुपये के बीच कारोबार करते देखे गए। हाजर में सोना 148900 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 223000 रुपये किलो रही। बिल कारोबार में दोनों के भाव क्रमशः 151600 रुपये और 223000 रुपये रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। स्पाट गोल्ड 4103.48 से 4143.32 डालर और स्पाट सिल्वर 58.7265 से 60.5985 डालर के बीच कारोबार करते देखे गए। जनवरी के उच्चतम स्तर की तुलना में चांदी करीब 1.77 लाख रुपये और सोना करीब 33 हजार रुपये नीचे आ चुका है।
सराफा व्यवसायी शुभम मूणत के अनुसार लगातार गिरावट से सराफा बाजार में कामकाज की चाल पूरी तरह बेपटरी हो गई है। बाजार में न तो खरीदार आ रहे हैं और न ही बेचवाल। लंबे समय से भाव में जारी लंबे उतार-चढ़ाव को कोई भी ठीक से समझ नहीं पा रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में तेजी के संकेत नजर नहीं आ रहे तथा भाव में और गिरावट संभव है। यही कारण है कि खरीदार निचले स्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
व्यवसायी ऋषभ संघवी का कहना है कि 11 अक्टूबर से नवरात्र की धूम शुरू होने वाली है। आठ माह में सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट के बावजूद बाजार से खरीदार और बेचवाल दोनों गायब है। ऊंचे भाव पर खरीदी करने वालों का नुकसान बढ़ता जा रहा है तथा जरूरी खरीदी करने वाले भाव और नीचे आने का इंतजार कर रहे हैं। सराफा में कामकाज के लिए भाव में स्थिरता जरूरी है।
व्यवसायी प्रतीक जैन के अनुसार वर्तमान में श्राद्ध पक्ष चल रहा है और सोना-चांदी के भाव जनवरी के उच्च स्तर से काफी नीचे आ गए हैं। 12 दिन में चांदी 17 हजार रुपये प्रतिकिलो तक नीचे गिर चुकी है, वहीं सोना में 3400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट आई है। इसके बाद भी बाजार में ग्राहकी नहीं के समान है। आगामी दिनों में त्योहारी हलचल शुरू होने से बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट को बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने, विदेशी निवेशकों (एफआइआइ) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण निवेशकों में डर का माहौल है। क्रूड आइल फिर से ऊपर जा रहा है। वैश्विक स्तर पर भी तनाव कम होने के बजाय बढ़ रहा है। रोजमर्रा की वस्तुओं में महंगाई की आग लग रही है। ऐसे में सोना-चांदी की खरीदी से मोह भंग होने पर भाव में नरमी का रुख बनता जा रहा है।
तूफानी तेजी के दौर में सोना-चांदी निम्न और मध्यवर्गीय परिवारों की पहुंच से काफी दूर हो गए थे। आठ माह बाद भाव फिर नीचे आने से निम्न व मध्यमवर्गीय परिवार राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि रोजमर्रा की वस्तुओं में महंगाई से आमजन की कमर टूट रही है।