
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सोना-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के संकेत मिल रहे हैं। दुनिया के कई देशों में बढ़ते तनाव, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक मंदी की आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा बदल दी है।
इसका असर भारतीय सराफा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। उच्च गुणवत्ता और शुद्धता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले रतलाम सराफा बाजार में इन दिनों सोना-चांदी के भाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। बाजार के ज्यादातर जानकार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कीमतों में तेजी के बजाय बड़ी गिरावट की आशंका जता रहे हैं।
इस वर्ष जनवरी में चांदी चार लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी, जबकि सोने के भाव 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा पहुंचे थे। रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं में लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ। वर्तमान में चांदी के भाव करीब 2.25 लाख रुपये और सोने के भाव लगभग 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बताए जा रहे हैं।
जनवरी के उच्चतम स्तर से तुलना करें तो चांदी करीब 1.75 लाख रुपये प्रति किलो और सोना लगभग 33 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है। लगातार घटती कीमतों ने ऊंचे भाव पर खरीदी करने वाले कारोबारियों और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
हैरानी की बात यह है कि जिस सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद माध्यम माना जाता रहा है, वही फिलहाल निवेशकों के लिए नुकसान का कारण बन रहा है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परिवहन, उत्पादन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ने की आशंका है। इससे महंगाई का दबाव गहराने के साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
भावों में लगातार गिरावट के कारण बाजार में खरीदार और बेचवाल दोनों असमंजस की स्थिति में हैं। खरीदारों को उम्मीद है कि कीमतें अभी और नीचे आएंगी, इसलिए वे फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं। वहीं, ऊंचे भाव पर खरीदी कर चुके व्यापारी और निवेशक नुकसान उठाकर बिकवाली करने के बजाय भाव में सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस खींचतान से बाजार में कारोबार की गति भी प्रभावित हो रही है। निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मौजूदा गिरावट कहां जाकर थमेगी और क्या कीमतें दोबारा पुराने स्तर तक पहुंच पाएंगी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में सोना-चांदी में बड़ी तेजी के ठोस संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और मौजूदा वित्तीय परिस्थितियां कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती हैं। हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद त्योहारी सीजन की शुरुआत से घरेलू मांग बढ़ेगी और इससे बाजार को सहारा मिल सकता है।
इसके बावजूद आगामी दिनों में चांदी के दो लाख रुपये प्रति किलो और सोने के 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आने की आशंका भी जताई जा रही है। वैश्विक घटनाक्रम, ब्याज दरों की दिशा और घरेलू मांग अब सोना-चांदी के भाव की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल रतलाम सराफा बाजार में तेजी की उम्मीद से अधिक गिरावट का डर हावी है। ऊंचे भाव पर खरीदी करने वालों के दिन का चैन और रातों की नींद उड़ी हुई है।
| तारीख | चांदी | सोना |
| 03 अक्टूबर | 226600 | 151500 |
| 02 अक्टूबर | 227100 | 152700 |
| 01 अक्टूबर | 226100 | 151600 |
| 30 सितंबर | 227100 | 152600 |
| 29 सितंबर | 227100 | 151000 |
| 28 सितंबर | 228600 | 153000 |
| 26 सितंबर | 240100 | 155000 |
| 25 सितंबर | 236100 | 155400 |
(नोट : आरटीजीएस भाव चांदी प्रति किलो व सोना प्रति 10 ग्राम रुपये में)
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