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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RBI New Rules: आरबीआई के नए नियम से मृतक के परिजनों को राहत, बैंक खाते से आसान हुआ क्लेम प्रोसेस

RBI New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मृतक खाताधारक के परिजनों को बड़ी राहत दी है। अब परिजन बैंक खाते से 15 लाख रुपये तक का क्लेम आसानी से कर ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 27 Sep 2025 12:54:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 27 Sep 2025 12:58:28 PM (IST)
RBI New Rules: आरबीआई के नए नियम से मृतक के परिजनों को राहत, बैंक खाते से आसान हुआ क्लेम प्रोसेस
RBI के बैंक क्लेम नियम बदल गए

HighLights

  1. आरबीआई का नया बैंक नियम
  2. मृतक परिजन बैंक क्लेम प्रक्रिया
  3. पंद्रह लाख तक आसान निकासी

बिजनेस डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मृतक खाताधारक के परिजनों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब मृतक के नामांकित व्यक्ति या वैध वारिस बैंक खाते में पड़ी राशि में से 15 लाख रुपये तक आसानी से क्लेम कर सकेंगे। अभी तक परिजनों को क्लेम के लिए जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन नए नियमों ने प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है।

सहकारी बैंकों के लिए अलग सीमा

आरबीआई ने बताया कि शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंकों में यह सीमा 5 लाख रुपये होगी। इसका अर्थ है कि सहकारी बैंकों के ग्राहक के निधन पर उनके परिजन अधिकतम 5 लाख रुपये तक का दावा कर सकते हैं।

क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज

आरबीआई के मुताबिक, परिजनों को क्लेम के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें शामिल हैं:

  • दावा प्रपत्र (Claim Form)
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
  • दावेदार की पहचान (Valid ID)
  • क्षतिपूर्ति बांड
  • अन्य उत्तराधिकारियों से अस्वीकरण पत्र (यदि लागू हो)

इसके अलावा, बैंक एक वैध उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र या स्वतंत्र व्यक्ति द्वारा की गई घोषणा को भी मान्य कर सकते हैं। खास बात यह है कि बैंकों को अब किसी तीसरे पक्ष के जमानत बांड की मांग करने की अनुमति नहीं होगी।


15 दिन में निपटेगा क्लेम

आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद 15 दिनों के भीतर क्लेम प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  • जमा राशि (Deposits): 15 दिनों में निपटारा
  • लॉकर और सुरक्षित वस्तुएं: 15 दिनों के भीतर सूचीकरण की तिथि तय करनी होगी

देरी पर बैंक पर जुर्माना

यदि बैंक क्लेम प्रक्रिया में देरी करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

  • जमा राशि पर बैंक को ब्याज दर से 4% प्रति वर्ष अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
  • लॉकर या सुरक्षित वस्तुओं के मामले में ₹5,000 प्रतिदिन का जुर्माना देना होगा।

कब से लागू होगा नया नियम?

यह नया ढांचा पुराने नियमों की जगह लेगा और 31 मार्च 2026 तक लागू हो जाएगा। यानी, चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह नियम प्रभावी होगा। आरबीआई ने बैंकों को जल्द से जल्द इसे लागू करने का निर्देश भी दिया है।

पहले जहां क्लेम के लिए लंबी प्रक्रिया और देरी का सामना करना पड़ता था, अब केवल जरूरी दस्तावेज जमा करने पर 15 लाख रुपये तक का दावा आसान हो जाएगा। इससे न सिर्फ ग्राहकों के अधिकार सुरक्षित होंगे बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

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