डिजिटल डेस्क: निवेश की दुनिया में SIP (Systematic Investment Plan) और म्यूचुअल फंड (Mutal Funds) दो अहम शब्द हैं जिन्हें लोग अक्सर एक जैसा मान लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि म्यूचुअल फंड एक इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट है और SIP उसमें निवेश करने का तरीका। सही जानकारी के बिना निवेश शुरू करना जोखिम भरा हो सकता (Investment Tips) है। इसलिए जरूरी है कि पहले इनके बीच का अंतर समझें और फिर स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस के जरिए निवेश करना सीखें।
म्यूचुअल फंड क्या है?
म्यूचुअल फंड एक इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट है, जिसमें कई निवेशकों का पैसा इकट्ठा कर प्रोफेशनल फंड मैनेजर इसे शेयर मार्केट, बॉन्ड्स और दूसरे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में लगाते हैं। म्यूचुअल फंड के कई प्रकार हैं-
म्यूचुअल फंड में निवेश आप दो तरीकों से कर सकते हैं-लंपसम (एकमुश्त) या SIP (छोटे-छोटे रेगुलर अमाउंट से)।
SIP यानी Systematic Investment Plan, म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक व्यवस्थित तरीका है। इसमें निवेशक हर महीने या तिमाही एक निश्चित राशि निवेश करता है। SIP की खासियत है कि यह मात्र ₹500 से भी शुरू किया जा सकता है। इसके दो बड़े फायदे हैं
टाइप: म्यूचुअल फंड एक प्रोडक्ट है, SIP उसमें निवेश का तरीका।
फ्लेक्सिबिलिटी: म्यूचुअल फंड में लंपसम या SIP दोनों विकल्प हैं, SIP में रेगुलर छोटा निवेश।
एप्रोच: SIP अनुशासन और छोटे निवेश से बड़ी वेल्थ बनाने का अवसर देता है।
SIP और म्यूचुअल फंड दोनों ही वेल्थ क्रिएशन के बेहतरीन विकल्प हैं। खासकर नए और छोटे निवेशकों के लिए SIP एक आसान, अनुशासित और लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न देने वाला विकल्प है।
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