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किसानों के लिए वरदान है यह योजना, खर्च करें सिर्फ 10% और सरकार करेगी 90% तक की मदद, पाएं लाखों का मुनाफा

किसानों को इसी आर्थिक संकट से उबारने और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) बेहद अस...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 31 Aug 2026 02:58:44 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Aug 2026 02:58:44 PM (IST)
किसानों के लिए वरदान है यह योजना, खर्च करें सिर्फ 10% और सरकार करेगी 90% तक की मदद, पाएं लाखों का मुनाफा
डीजल और बिजली के बिल से पाएं मुक्ति।

HighLights

  1. डीजल और बिजली के बिल से पाएं मुक्ति
  2. पीएम कुसुम योजना से लगाएं सोलर पंप
  3. बची हुई बिजली बेचकर कमाएं लाखों

बिजनेस डेस्क। खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए बिजली का पर्याप्त न होना और डीजल की बढ़ती कीमतें हमेशा से किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती रही हैं। किसानों को इसी आर्थिक संकट से उबारने और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) बेहद असरदार साबित हो रही है। इस योजना के जरिए किसान अपने खेतों में सिंचाई की समस्या को दूर करने के साथ-साथ सोलर पैनल से बिजली पैदा करके हर साल लाखों रुपये की अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसमें कितनी सब्सिडी मिलती है और इसके लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है।

क्या है पीएम कुसुम योजना?

देश में कृषि सिंचाई को आधुनिक और सुलभ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने साल 2019 में 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान' (पीएम कुसुम योजना) की शुरुआत की थी। इसके तहत पारंपरिक डीजल या ग्रिड बिजली से चलने वाले सिंचाई पंपों की जगह सौर ऊर्जा (सोलर) से चलने वाले पंप स्थापित करने के लिए किसानों को भारी वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।


सोलर पंप पर 90% तक का आर्थिक सहयोग

सोलर पंप लगाने में आमतौर पर काफी अधिक लागत आती है, लेकिन पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को केवल 10% राशि ही अपनी जेब से देनी होती है।

  • 60% सब्सिडी: केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकार मिलकर कुल लागत का 60 प्रतिशत (30-30 फीसदी) हिस्सा सब्सिडी के रूप में वहन करती हैं।
  • 30% बैंक ऋण: बाकी बचा 30 प्रतिशत खर्च बैंकों से रियायती लोन के रूप में मिल जाता है, जिसे किसान अपनी सुविधा अनुसार आसान किस्तों में चुका सकते हैं।

बिजली बनाकर बेचें और करें अतिरिक्त कमाई

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली से न केवल दिन के समय बेफिक्र होकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं, बल्कि बची हुई अतिरिक्त बिजली को सरकारी या निजी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेच भी सकते हैं।

यदि किसी किसान के पास 4 से 5 एकड़ बंजर या कृषि योग्य भूमि है, तो वे वहां सोलर प्लांट स्थापित कर हर साल लाखों रुपये की नियमित आय अर्जित कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड)
  • राशन कार्ड
  • मोबाइल नंबर (जो पहचान पत्र व बैंक खाते से लिंक हो)
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज (खसरा-खतौनी आदि)

आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के लिए किसान अपने राज्य के कृषि विभाग या नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदक जिस राज्य का निवासी है, उसे उसी राज्य के पोर्टल पर ही अप्लाई करना होगा।

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योजना की विस्तृत नियमावली और अधिक जानकारी के लिए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के आधिकारिक पोर्टल [https://mnre.gov.in/](https://mnre.gov.in/) पर भी विजिट किया जा सकता है।