
डिजिटल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, एक फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश कर देश की आर्थिक दिशा तय करेंगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पेश होने वाला यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण होने वाला है। हाल के इतिहास में यह पहली बार है जब केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जा रहा है।
आमतौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट के महत्व को देखते हुए इस बार NSE और BSE पर आम दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी। बजट पेश करने की परंपरा में 2017 में बदलाव किया गया था, जब इसे फरवरी के अंत के बजाय 1 फरवरी को कर दिया गया।
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री इन राज्यों के लिए विशेष सेक्टोरल आवंटन और विकास योजनाओं की घोषणा कर सकती हैं।
1 फरवरी से स्वास्थ्य के प्रति सख्त कदम उठाते हुए सरकार सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और स्वास्थ्य उपकर (Cess) लागू करने जा रही है। यह टैक्स 28% GST और मौजूदा क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेगा। अब तंबाकू उत्पादों के लिए MRP आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था शुरू होगी, जिससे पैकेट पर लिखे मूल्य के आधार पर ही जीएसटी तय होगा।
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बढ़ते रेल हादसों को देखते हुए केंद्र सरकार 'कवच' (Automatic Train Protection System) और इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव पर रिकॉर्ड खर्च कर सकती है। रेल सुरक्षा के लिए बजट आवंटन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.3 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में 12% अधिक है। यह फंड ट्रैक रिन्यूअल और पुराने कोचों के रखरखाव में इस्तेमाल होगा।