• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • बिज़नेस

UPI यूजर्स सावधान! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे भुगतान के नियम, अब सिर्फ OTP से नहीं चलेगा काम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और बढ़ते साइबर स्कैम्स पर लगाम लगाने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के सुरक्षा नियमों को सख्त कर द...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 02:58:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 02:58:28 PM (IST)
UPI यूजर्स सावधान! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे भुगतान के नियम, अब सिर्फ OTP से नहीं चलेगा काम
लेन-देन के लिए चाहिए डबल वेरिफिकेशन।

HighLights

  1. 1 अप्रैल से पेमेंट में लगेगा थोड़ा ज्यादा समय
  2. लेकिन फ्रॉड के लिए बैंक होंगे सीधे जिम्मेदार
  3. लेन-देन के लिए चाहिए डबल वेरिफिकेशन

बिजनेस डेस्क। डिजिटल ट्रांजेक्शन की दुनिया में 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और बढ़ते साइबर स्कैम्स पर लगाम लगाने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के सुरक्षा नियमों को सख्त कर दिया है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही अब आपकी हर छोटी-बड़ी पेमेंट की प्रक्रिया बदल जाएगी।

अब 'टू-फैक्टर वेरिफिकेशन' होगा अनिवार्य

अभी तक कई ट्रांजेक्शन केवल वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए पूरे हो जाते थे, लेकिन 1 अप्रैल से यह पर्याप्त नहीं होगा। आरबीआई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब यूजर्स को 'डबल लेयर सिक्योरिटी' से गुजरना होगा।

  • पेमेंट पूरा करने के लिए अब सिर्फ OTP डालना काफी नहीं है।
  • ओटीपी के साथ-साथ अब आपको पिन (PIN), पासवर्ड या बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस आईडी) का उपयोग करना होगा।
  • सरल शब्दों में कहें तो, पैसे ट्रांसफर करते समय आपको दो बार अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

डिजिटल भुगतान में बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही 'फिशिंग' और 'ओटीपी स्कैम' के मामले तेजी से बढ़े हैं। जालसाज अक्सर यूजर्स को झांसे में लेकर उनका ओटीपी हासिल कर लेते हैं और पल भर में खाता साफ कर देते हैं।


आरबीआई का मानना है कि 'टू-वे वेरिफिकेशन' (पिन/फिंगरप्रिंट + ओटीपी) लागू होने से स्कैमर्स के लिए किसी दूसरे के फोन से अवैध ट्रांजेक्शन करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

पेमेंट में लगेगा थोड़ा अधिक समय

सुरक्षा की इस अतिरिक्त परत के कारण अब भुगतान की प्रक्रिया में लगने वाले समय में मामूली बढ़ोतरी होगी। विशेष रूप से बड़े अमाउंट (High-Value Transactions) को प्रोसेस करने में वेरिफिकेशन की कड़ी प्रक्रिया के चलते थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह चंद सेकंड की देरी यूजर्स के लिए फायदेमंद ही साबित होगी।

यह भी पढ़ें- एक दिन में पेट्रोल खरीदने की क्या है लिमिट? घर में कितना तेल रख सकते हैं आप, पढ़ें पेट्रोलियम अधिनियम के कड़े नियम

धोखाधड़ी हुई तो बैंकों की बढ़ेगी जवाबदेही

नए नियमों में न केवल ग्राहकों के लिए सख्ती की गई है, बल्कि बैंकों और पेमेंट एग्रीगेटर्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) पर भी शिकंजा कसा गया है:

  • बैंक होंगे जिम्मेदार: यदि किसी तकनीकी खामी या सुरक्षा उल्लंघन के कारण यूजर के साथ फ्रॉड होता है, तो इसके लिए बैंक को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
  • त्वरित समाधान: बैंकों को अब फ्रॉड के मामलों में 'क्विक रिस्पॉन्स' देना होगा ताकि पीड़ित यूजर को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
  • कड़े सुरक्षा मानक: सभी पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को 1 अप्रैल से पहले अपने सिस्टम को आरबीआई के नए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के अनुसार अपडेट करना अनिवार्य है।

1 अप्रैल 2026 से यूपीआई का अनुभव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होने जा रहा है। हालांकि शुरुआती दिनों में डबल वेरिफिकेशन थोड़ा बोझिल लग सकता है, लेकिन आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने की दिशा में यह आरबीआई का एक सराहनीय कदम है।