
बिजनेस डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन आपूर्ति (Fuel Supply) को लेकर गहराती चिंताओं के बीच देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) देखी जा रही है। पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ के बीच आम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल है कि क्या एक व्यक्ति के लिए ईंधन खरीदने की कोई कानूनी सीमा तय है?
सरकारी नियमों और पेट्रोलियम अधिनियम के आलोक में आइए जानते हैं कि आप एक दिन में कितना पेट्रोल खरीद सकते हैं और घर में स्टॉक रखने के क्या नियम हैं।
कानूनी तौर पर, अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने या रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पेट्रोल खरीदने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। यदि ईंधन सीधे वाहन के टैंक में भरा जा रहा है, तो आप अपनी जरूरत के अनुसार दिन में कितनी भी बार और कितनी भी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। आपकी खरीद सिर्फ आपकी गाड़ी की टंकी की क्षमता (Tank Capacity) तक ही सीमित है।
अक्सर लोग गाड़ियों के रास्ते में बंद हो जाने या अन्य जरूरतों के लिए अलग से पेट्रोल खरीदते हैं। ऐसे मामलों में नियम कड़े हैं:
पेट्रोलियम अधिनियम 1934 के तहत, पेट्रोल पंपों पर आम प्लास्टिक की बोतलों में ईंधन देना सख्त मना है। पेट्रोल एक अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है, इसलिए इसे केवल सरकार द्वारा मंजूरी प्राप्त (Approved) मेटल कंटेनरों या विशेष रूप से निर्मित एचडीपीई (HDPE) कैन में ही रखा जा सकता है।
सुरक्षा मानकों और आग के खतरों को देखते हुए पेट्रोलियम नियम 2002 के तहत भंडारण की सीमा निर्धारित की गई है:
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पैनिक बाइंग न केवल आपूर्ति व्यवस्था को बिगाड़ती है, बल्कि असुरक्षित तरीके से घरों में पेट्रोल जमा करना जान-लेवा भी साबित हो सकता है।