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कचरे से अब होगी बंपर कमाई, 23,731 करोड़ रुपये की 'गोबर-धन' योजना लागू, गांव में खुलेंगे कमाई के रास्ते

GOBARdhan Scheme: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी परिचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक प्रभाव...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 04:14:11 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 04:14:11 PM (IST)
कचरे से अब होगी बंपर कमाई, 23,731 करोड़ रुपये की 'गोबर-धन' योजना लागू, गांव में खुलेंगे कमाई के रास्ते
बायोगैस क्षेत्र को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात।

HighLights

  1. बायोगैस क्षेत्र को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात
  2. ₹98 प्रति किलो तय हुई सीबीजी की कीमत
  3. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की मास्टरप्लानिंग

बिजनेस डेस्क। देश में ग्रीन एनर्जी उत्पादन को गति देने और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने ‘गोबर-धन’ (GOBAR-dhan) योजना के तहत 23,731 करोड़ रुपये के बड़े प्रोत्साहन पैकेज की रूपरेखा पेश की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी परिचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य निजी निवेश को आकर्षित करना, बायोगैस अवसंरचना को मजबूत बनाना और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादकों को एक स्थिर बाजार उपलब्ध कराना है।

शत-प्रतिशत खरीद की गारंटी और निश्चित दरें

योजना की सबसे बड़ी विशेषता सीबीजी निर्माताओं को दी जाने वाली बाजार सुरक्षा है। नए नियमों के तहत, अर्हता प्राप्त निर्माता अपनी कुल बिक्री योग्य गैस का 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित रूप से बेचने का विकल्प चुन सकेंगे।

सरकार ने सीबीजी के लिए 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू (एमएमबीटीयू) का प्रशासित मूल्य निर्धारित किया है, जो 95 प्रतिशत मीथेन शुद्धता के आधार पर लगभग 98 रुपये प्रति किलोग्राम बैठता है (इसमें कर एवं कंप्रेशन शुल्क शामिल नहीं हैं)। यह तय कीमत कम से कम 31 मार्च 2036 तक लागू रहेगी, जिसे उत्पादन लागत और मुद्रास्फीति के आधार पर आगे संशोधित भी किया जा सकेगा।


छह प्रमुख स्तंभों पर टिकी है पूरी योजना

  • सीबीजी की 100% खरीद की गारंटी
  • पारदर्शी एवं निश्चित मूल्य निर्धारण प्रणाली
  • पूंजीगत वित्तीय सहायता (कैपिटल सपोर्ट)
  • पाइपलाइन अवसंरचना का विकास एवं सुदृढ़ीकरण
  • ऋण गारंटी सहायता सुविधा
  • सीबीजी इकोसिस्टम चैलेंज फंड की स्थापना

सीटीजीडी कंपनियों के लिए सीबीजी मिश्रण अनिवार्य

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के लिए सीएनजी (परिवहन) और पीएनजी (घरेलू) आपूर्ति में सीबीजी का मिश्रण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत कंपनियों को वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत सीबीजी की खरीद व बिक्री करनी होगी। गैस आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए क्लस्टर-आधारित मॉडल अपनाकर सीबीजी को मुख्य पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

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'गोबर-धन' योजना का व्यापक ढांचा

‘गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन’ (GOBAR-dhan) पहल के जरिए मवेशियों के गोबर, कृषि अवशेषों, ठोस जैविक कचरे और खाद्य अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा में बदला जा रहा है। इस प्रक्रिया से न केवल सीबीजी और बायोगैस का निर्माण होता है, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद भी तैयार होती है, जो कृषि क्षेत्र के लिए भी बेहद लाभकारी साबित हो रही है।