
डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबतक के कार्यकाल के दौरान UPI पेमेंट्स को एक क्रांति के रूप में देखा गया है। हाल ही में एक आंकड़े के मुताबिक अगस्त में UPI से हुई 29 खरब 82 अरब रुपये से अधिक की पेमेंट हुई है, जो 1 महीने में सबसे अधिक पेमेंट का रिकॉर्ड है। इसी बीच UPI से भुगतान करने पर चार्ज लागू करने का मामला मंगलवार को सुर्खियों में है।
NPCI ने UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क लागू किया है। इसमें ₹2000 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन और छोटे मर्चेंट ट्रांजैक्शन (P2PM) को पूरी तरह फ्री रखा गया है। वहीं ₹2000 से ऊपर के अमाउंट पर 0.4% चार्ज देना होगा। बता दें कि नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा। आइए नए चार्ज स्लैब और इससे जुड़े तमाम सवालों के जवाब जान लेते हैं।
₹2,000 तक के पेमेंट- कोई चार्ज नहीं।
₹2,000 से अधिक के पेमेंट- व्यापारी को 0.4% का MDR देना होगा (₹10,000 के पेमेंट पर व्यापारी को 0.4% यानी ₹40 चार्ज देना होगा)।
₹75,000 से अधिक के पेमेंट- MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी।
UPI हर महीने अरबों लेनदेन करता है। MDR केवल यूपीआई इकोसिस्टम में ही वितरित किया जाएगा, ताकि बुनियादी ढांचे की मजबूती, नवाचार, साइबर सुरक्षा (बैंकों और गैर-बैंकों के साथ यूपीआई बुनियादी ढांचे की सुरक्षा) और ग्राहक सेवा में और अधिक निवेश किया जा सके।
यूपीआई एक स्वदेशी भुगतान प्रणाली है, और क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, वॉलेट आदि जैसे अन्य भुगतान साधनों की तुलना में काफी कम हैं।
₹2,000 तक के कम राशि के UPI लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जो कुल यूपीआई (P2M) लेनदेन का 95% से अधिक है।
उचित एमडीआर लगाने का उद्देश्य है कि UPI रोजमर्रा के लेनदेन के लिए आसान और सुविधाजनक बना रहे।
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले P2P (Person-to-Person) पेमेंट पर किसी तरह के चार्ज नहीं लगाए जा रहे हैं।
किसी व्यक्ति को UPI से पैसे भेजने पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगाए गए हैं। यानी जब आप किसी दुकान, कारोबारी या सर्विस प्रोवाइडर को UPI से पेमेंट करते हैं।
तो उस ट्रांजैक्शन पर MDR लागू हो जाएगा। 2 हजार से अधिक के भुगतान पर आपको चार्ज देना होगा।
MDR का मतलब Merchant Discount Rate है। यह डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के बदले दुकानदार या कारोबारी से लिया जाने वाला चार्ज होता है।
कार्ड से पेमेंट करने पर इस तरह के चार्जेस पहले से लागू हैं।
MDR मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है, इसलिए इसका सीधा असर दुकानदार या कारोबारी की पेमेंट लागत पर देखने को मिल सकता है।
अगर आप किसी व्यक्ति को पैसे भेज रहे हैं तो आपको किसी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज देने की जरूरत नहीं है।
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नए नियम के मुताबिक मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% चार्ज देना होगा, जो अधिकतम ₹300 होगा।
उदाहरण के लिए अगर ₹1 लाख का भुगतान कर रहे हैं तो 0.4% के हिसाब से ₹400 नहीं सिर्फ ₹300 ही चार्ज देना होगा।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पर्सन टू पर्सन और ऑनलाइन खरीदी पर किसी तरह का चार्ज लागू नहीं किया गया है।