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डिजिटल डेस्क, इंदौर। बीते कुछ सालों में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा तेजी से बढ़ी है। भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ने सोमवार को श्रीलंका और मॉरीशस में भी काम करना शुरू कर दिया है। इसी के साथ भारत के UPI पेमेंट सिस्टम को अपनाने वाले देशों की संख्या अब 7 हो गई है। श्रीलंका और मॉरीशस में जब सोमवार को UPI सेवाएं शुरू की गई तो इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक डिजिटल तकनीक के साथ ऐतिहासिक संबंधों को जोड़ने वाला बताया।
भारत में Unified Payments Interface (UPI) के जरिए भुगतान करना अब चलन में आ चुका है। भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से यह विकसित UPI एक त्वरित भुगतान प्रणाली है, जिसे अब कई देशों में अपनाया जा रहा है। भारत में साल 2016 से यह सफलतापूर्वक चलन में है। इसमें ग्राहक के मोबाइल नंबर को बैंक खाते से जोड़कर त्वरित भुगतान किया जाता है।
भारत सरकार ने MyGovIndia पोर्टल पर एक ग्लोबल मैप शेयर किया है, जिसमें बताया कि है कि विश्व के किन-किन देशों में भारतीय UPI के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। सरकार के मुताबिक, यूपीआई भुगतान करने वाले देशों में फ्रांस, यूएई, मॉरीशस, श्रीलंका, सिंगापुर, भूटान और नेपाल शामिल हो चुके हैं।
UPI goes Global!🤩
India's Unified Payments Interface goes International with launches in Sri Lanka and Mauritius!
An instant, one-stop payment interface showcases 'Make in India, Make for the World'. #DigitalPayment #RuPay pic.twitter.com/EI8LBWxZCi
— MyGovIndia (@mygovindia) February 12, 2024
वहीं केंद्र सरकार की ओर से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया है कि "यूपीआई वैश्विक हो गया है! भारत का एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस श्रीलंका और मॉरीशस में लॉन्च के साथ अंतर्राष्ट्रीय हो गया है। एक त्वरित, वन-स्टॉप भुगतान इंटरफ़ेस 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' को दर्शाता है।"
बीते साल भारत में जब G20 शिखर सम्मेलन हुआ था तो उस दौरान भी के भारत सरकार ने वैश्विक नेताओं के सामने UPI प्रणाली का प्रदर्शन किया। इस दौरान विश्व के बड़े नेताओं ने फोन पर जरिए तत्काल वित्तीय लेनदेन का अनुभव लिया।