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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

EPFO News: बिना प्रीमियम चुकाएं पाएं 7 लाख तक का बीमा, उसके लिए चाहिए ये अकाउंट

EPFO News: ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। नामांकिन या उत्तराधिकारी बीमा राशि का दावा कर सकता है।

By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Sun, 07 May 2023 02:27:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 May 2023 02:27:02 PM (IST)
EPFO News: बिना प्रीमियम चुकाएं पाएं 7 लाख तक का बीमा, उसके लिए चाहिए ये अकाउंट
EPFO News: ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। नामांकिन या उत्तराधिकारी बीमा राशि का दावा कर सकता है।

EPFO News: अगर आपका ईपीएफओ में अकाउंट है, तो यह खबर आपके लिए है। ईपीएफओ खाताधारकों को बिना कोई प्रीमियम चुकाए 7 लाख रुपये की बीमा सुविधा मिलती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सभी सदस्य इस सुविधा का लाभ उठाने के पात्र हैं। इस इंशयोरेंस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। यदि किसी EPFO सदस्य की समय से पहले मौत हो जाती है, तो नॉमिनी बीमा के लिए दावा कर सकता है। जानिए इस सुविधा से जुड़े नियम।

ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। नामांकिन या उत्तराधिकारी बीमा राशि का दावा कर सकता है। इस योजना के तहत न्यूनतम बीमा राशि ढाई लाख और अधिकतम 7 लाख रुपये है। रकम सीधे नॉमिनी के बैंक अकाउंट में जमा की जाती है।


कैसे निर्धारित की जाती है बीमा राशि?

सम एश्योर्ड की गणना दिवंगत कर्मचारी के पिछले 12 महीने की सैलरी के आधार पर की जाती है। बीमा राशि अर्जित मूल वेतन का 35 गुना है। इसकी अधिकतम सीमा 7 लाख रुपये है। पहले बीमा की अधिकतम सीमा 6 लाख रुपये थी, लेकिन सरकार ने इसमें एक लाख रुपये बढ़ा दिए है।

बढ़ी हुई पेंशन को लेकर नियम

केंद्र सरकार ने बढ़ी हुई पेंशन को लेकर नए नियम की घोषणा की है। सरकार कर्मचारी पेंशन योजना में 15 हजार रुपये तक के बेसिक वेतन का 1.6 फीसदी सब्सिडी के जरिए देती है। कंपनी EPFO की सामाजिक सुरक्षा योजना में मूल वेतन का 12% योगदान करती है। कंपनी का 8.33 फीसदी योगदान ईपीएस और बाकी 3.67 फीसदी ईपीएफओ में जमा होता है। ईपीएफओ सदस्य जो बढ़ी हुई पेंशन चाहते हैं, वे इस विकल्प को चुन सकते हैं। कर्मचारियों के मूल वेतन से कोई रकम नहीं काटी जाएगी।

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