Lufthansa ने लगेज में Apple AirTags के इस्तेमाल पर लगाया रोक, सुरक्षा के लिए बताया खतरा
दुनिया भर के लोग एयर ट्रैवल के दौरान अपने लगेज को ट्रैक करने के लिए एप्पल के एयर टैग्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा (Lufthansa) ...और पढ़ें
By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Mon, 10 Oct 2022 03:42:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Oct 2022 04:54:23 PM (IST)

Lufthansa Banned: जर्मनी की सरकारी एयरलाइन लुफ्थांसा (Lufthansa) ने यात्रियों के सामान यानी लगेज में Apple के एयरटैग्स (AirTags) लगाने पर बैन लगा दिया है। एयरलाइन्स ने इसे उड़ान के लिए खतरा बताया है। आपको बता दें कि एयर टैग्स लगेज को ट्रैक करने में मदद करते हैं। जर्मन मीडिया में आई शुरुआती रिपोर्टों के बाद, ट्विटर पर एयरलाइन ने ये पुष्टि की है कि एयरटैग्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कंपनी ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के दिशानिर्देशों के मुताबिक, लगेज ट्रैकर्स डेंजरस गुड्स रेगुलेशन के तहत आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालांकि, एयरलाइन जिस रेगुलेशन का हवाला देती है, उसमें ऐसा कुछ नहीं है।
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अपने एक ट्वीट में लुफ्थांसा ने लिखा," लगेज ट्रैकर को फ्लाइट के लिए खतरा माना गया है और इसे बंद करने की जरूरत है। इसके अलावा ट्रांसमिशन फंक्शन के कारण, ट्रैकर्स को उड़ान के दौरान डिएक्टिवेट कर दिया जाना चाहिए, अगर वे चेक किए गए लगेज में हैं। यानी उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।""
हालांकि, सोशल मीडिया में एयरलाइन कंपनी के इस बैन की तीखी आलोचना हो रही है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का यह दावा कि एयरलाइन ICAO गाइडलाइंस के तहत ट्रैकर्स पर बैन लगा रही है, तो ये पूरी तरह से गलत है। खासतौर से लुफ्थांसा जिस नियम का हवाला दे रहा है, उसमें केवल लिथियम-आयन बैटरी नियमों के बारे में बात की गई है, जिसका MacBook Pro जैसे बड़े डिवाइस में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी एक तो वजह ये है कि AirTag की बैटरी बहुत छोटी होती है, दूसरी कि AirTag, CR2032 सेल्स का इस्तेमाल करता है, जो लिथियम-आयन बैटरी नहीं हैं। इस वजह उस ये नियम लागू भी नहीं होता है।