
बिजनेस डेस्क, इंदौर (Share Market Today)। हिंडनबर्ग रिपोर्ट (Hindenburg Report) के बाद आज शेयर बाजार खुलते ही अदाणी ग्रुप के शेयर में गिरावट देखने को मिली। ग्रुप के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट द्वारा सेबी चेयरपर्सन पर लगाए गए आरोपों के बाद यह गिरावट देखने को मिली है।
दरअसल, अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया कि सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (SEBI Chairperson Madhabi Puri Buch) और उनके पति ने ऑफशोर बरमूडा और मॉरीशस फंड में निवेश किया था। बाद में विनोद अदाणी ने इसका फायदा उठाया और फंड्स को राउंड-ट्रिप करने और स्टॉक की कीमतें बढ़ाने के लिए उपयोग किया।

हिंडनबर्ग के इन आरोपों के बाद जब सोमवार को बाजार खुला को अदाणी ग्रुप की सभी 10 कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। अदाणी एनर्जी के शेयर में 17 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। अदाणी टोटल गैस के शेयर 13.39 प्रतिशत, एनडीटीवी के स्टॉक प्रतिशत और अदाणी पावर के शेयर 10.94 प्रतिशत तक लुढ़क गए।
| शेयर | गिरावट |
| अदाणी ग्रीन एनर्जी | 6.96 प्रतिशत |
| अदाणी विल्मर के स्टॉक | 6.49 प्रतिशत |
| अदाणी एंटरप्राइजेज | 5.43 प्रतिशत |
| अदाणी पोर्ट | 4.95 प्रतिशत |
| अंबुजा सीमेंट | 2.53 प्रतिशत |
| एसीसी | 2.42 प्रतिशत |
शनिवार को एक ब्लॉग पोस्ट में हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया कि माधबी पुरी बुर और उनके पति धवल बुच की एक खास समूह की कंपनियों में हेरफेर के लिए इस्तेमाल हुए अस्पष्ट ऑफशोर (विदेश में स्थित) फंड में हिस्सेदारी थी। हिंडनबर्ग रिसर्च ने व्हिसल ब्लोअर दस्तावेजों का हवाला देकर कहा कि एक खास समूह की कंपनियों में धन के हेरफेर के लिए ऑफशोर फंड का इस्तेमाल किया गया था। इसमें सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच व उनके पति का भी हिस्सा था।
हालांकि, इस आरोप के बाद माधबी पुरी बुच ने खंडन किया और इसे सेबी की विश्वसनीयता पर हमला और "चरित्र हनन" का प्रयास बताया।